
5 सितंबर 2019 को रामपुर शहर कोतवाली में तंजीम फातिमा के खिलाफ एक रिपोर्ट दर्ज हुई थी। तंजीम फातिमा पर आरोप लगाया गया था कि उनके हमसफर रिजाॅर्ट में बिजली की चोरी की जा रही है। डूंगरपुर बिजलीघर के जेई राहुल रंजन ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। इस मामले में विवेचना के बाद पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी।
इसके बाद मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में चल रही थी जिसमें अब जाकर तंजीम को बड़ी राहत मिली है। इलाहाबाद हाईकोर्ट से मई में तंजीम फातिमा को फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मामले में बड़ी राहत मिली थी। 24 मई को कोर्ट ने आजम खां पत्नी फातिमा और बेटे अब्दुल्ला आजम खान को जमानत दी थी।
आपको बता दें कि तजीन फातिमा के एडवोकेट नासिर सुल्तान ने बताया कि कोर्ट में विद्युत अधिनियम की धारा 152 (2) के तहत प्रार्थना पत्र दिया गया था। अब इस पर सुनवाई के बाद इसे मंजूर कर लिया गया है।
हमसफर रिजाॅर्ट विवादों में घिरा रहा है। साल 2019 के बाद से मामला और भी गरम हो गया। कभी रिजॉर्ट में नहर विभाग की जमीन होने की बात सामने आई तो कभी कुछ और। इसके बाद बिजली चोरी का आरोप भी लगाया गया। अब हमसफर रिजाॅर्ट में बिजली चोरी के मामले में सपा नेता आजम खां की पत्नी तजीन फातिमा को कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। कोर्ट ने बिजली चोरी के एवज में जमा कराए गए 32 लाख रुपये के शमन शुल्क के आधार पर उनको बरी कर दिया।
Updated on:
09 Sept 2024 08:05 pm
Published on:
09 Sept 2024 08:05 pm
