
रामपुर. जिन महापुरुषों के उपदेशों को लेकर भारतीय जनता पार्टी पूरे देश के विभिन्न राज्यों में सत्ता में आई अब उन महापुरुषों को ही भूल गई भूल गई। श्यामा प्रसाद मुखर्जी को फॉलो करने वाले नेता भूल गए। अपने दायित्व जनसंघ के माने जाने वाले नेता एवं महापुरुष पंडित दीनदयाल को भूल गए यकीन नही आता तो ये रिपोर्ट समझिए।
रामपुर में भारतीय संविधान के रचयिता डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा अंधेरे में है। यहां रोशनी का कोई इंतजाम नहीं है। नेता, मंत्री, अधिकारी , राष्ट्रीय त्योहारों पर आते हैं और फूल मालाएं, चढ़ाकर चले जाते हैं। साथ ही जनसंघ के नेता पंडित दीनदयाल की प्रतिमा जहां लगाई गई है। वहां सालों साल से जल भराव रहता है। इनकी प्रतिमा के साथ भी वही होता है, जो डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के साथ हो रहा है।
पत्रिका संवाददाता ने जब शहर के जिम्मेदार अफसरों और नेताओं से इसकी वजह जानने की कोशिश की तो किसी कोई ठोस जवाब नहीं दिया। से में सवाल उठता है कि इन नेताओं के नाम पर राजनीति करने वाले नेताओं की कोई नैतिक जिम्मेदारी बनती है या नहीं। या फिर इन महापुरुषों की प्रतिमा का इसी तरह मजाक बनता रहेगा। और कही इन महापुरुषों की प्रतिमा जलभराव में रहेगा तो कहीं अंधेरे में ।
इन महापुरुषों की प्रतिमा की हालत तब सी है, जब कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाये जाने के बाद भाजपाइयों में खुशी की लहर है। भजपाई ढोल नगाड़े की धुन पर गेस्ट हाउस से निकलकर सीधे जनसंघ के नेता रहे पंडित दीनदयाल की प्रतिमा पर गए और फूल-माला चढ़ाया। इसके बाद अपना फोटो और सेल्फी लेते हैं। इन नेताओं ने ऐसा ही कुछ अंबेडकर की प्रतिमा के साथ किया। ये सभी कार्यकर्ता अंबेडकर पार्क पहुंचे। यहां पर भाजपाई डॉ. भीम राव अंबेडकर की प्रतिमा पर फूल चढ़ाया। इस दौरान इन नेताओं और कार्यकर्ताओं ने श्यामा प्रशाद मुखर्जी जिन्दाबाद के नारे लगाए।
लेकिन, यह अफसोश की बात है कि यह नेता उनके बताए और बनाए आदर्शों को समझने की कोशिश नहीं की। यही बजेह है कि यहां पर कोई बड़ा बदलाव देखने को नही मिला। अबेडकर पार्क में हमेशा अंधेरा रहता है। ख़ासतौर पर जहां प्रतिमा है वहां एक बल्ब भी नहीं लगा है। यही हाल पंडित दीन दयाल की प्रतिमा का है। प्रतिमा के पास बारिश का गन्दा पानी भरा रहता है। लोग वहां पर कूड़ा करकट भी फेंक देते हैं। यह अभी तक किसी को नज़र नहीं आता है।
हालांकि, इस मामले में जब राज्यासभा सांसद और आज़म खान की पत्नी तंजीम फातिमा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि अपनी निधि से सौन्दर्यीकरण कराने को लेकर डीएम को लिख चुकीं हैं। उन्होंने कहा था कि 20 लाख रुपये मेरी निधि से निकालकर पंडित दीनदयाल प्रतिमा का सौन्दर्यीकरण करा दें पर प्रशासन ने उनके लिखे पत्र को भी नज़र अंदाज कर दिया।
Published on:
07 Aug 2019 07:36 pm

बड़ी खबरें
View Allरामपुर
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
