
वरिष्ठ सपा नेता आजम खान (फाइल फोटो- पत्रिका)
Jauhar University: मुरादाबाद डिविजनल कमिश्नर की अदालत ने सोमवार को जौहर यूनिवर्सिटी को बड़ी राहत दी है। यूनिवर्सिटी कैंपस के 38 भवनों को तोड़ने की कार्रवाई को अंतिम फैसला आने तक रोक दिया गया है। डिविजनल कमिश्नर अंजनेय कुमार सिंह ने बताया कि यूनिवर्सिटी की तरफ से वकील ने अर्जी दी थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया। अब किसी भी इमारत को तोड़ने का काम आगे के आदेश तक रोक दिया गया है। उन्होंने कहा कि मंगलवार को सुनवाई होनी थी, लेकिन मुरादाबाद में एक वकील के निधन पर श्रद्धांजलि सभा होने के कारण सुनवाई नहीं हो पाएगी।
कमिश्नर सिंह ने साफ कहा कि सभी पक्षों को सुनने और कागजात देखने के बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा। जौहर यूनिवर्सिटी के संस्थापक आजम खान की पत्नी ताहजीन फात्मा ने पहले ही उम्मीद जताई थी कि कोर्ट का फैसला उनके पक्ष में आएगा। इस राहत के फैसले के वक्त छात्रों का प्रदर्शन 12वें दिन चल रहा था। यूनिवर्सिटी के करीबी और आजम खान के सहयोगी आसिम राजा ने चेतावनी दी कि अगर भवनों को तोड़ने की कोशिश की गई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
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Updated on:
27 Jul 2026 09:36 pm
Published on:
27 Jul 2026 09:27 pm
