
इस आईपीएस की सूझबूझ से जलने से बच गया आजम खान का गृह नगर
रामपुर। डबल मर्डर मामले में एसपी रामपुर शिव हरी मीणा और उनकी पुलिस टीम की सूझबूझ से आजम खान का गृह नगर सांप्रदायिक आग में झुलसने से बच गया। उन्होंने पनबड़िया गांव में घटना के तुरंत बाद जो एक्शन लिया, उसे हर कोई सराहनीय बता रहा है। वरना यहां के हालात भयावह हो सकते थे। दो संप्रदाय के लोगों की हत्या को लेकर दोनों पक्षों में काफी गुस्सा था, लेकिन सुरक्षा-व्यवस्था कड़ी देखकर किसी की भी अशांति फैलाने की हिम्मत नहीं हुई।
पनबड़िया में हुई थी दो लोगों की हत्या
पनबड़िया में प्रधान पति शहादत अली और जय सिंह की हत्या के बाद एसपी शिव हरि मीणा ने फौरन क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया था। दोनों शवों की अंतिम यात्रा भी संगीनों के साये में कराई गई है। इसके साथ ही दोनों परिवारों की तहरीर पर कोतवाली प्रभारी राधेश्याम ने एफआईआर दर्ज करके डबल मर्डर की घटना की विवेचना शुरू कर दी है। शहादत अली पक्ष की तरफ से झाझन यादव, साधना यादव, मुन्ना, शेर सिंह यादव और बादाम सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है, जय सिंह पक्ष की तरफ से अब्बास रिफाकत, राहत, हिमायत, रईस और नजाकत के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है।
रामपुर के लोगों ने दिया गंगा-जमुनी तहजीब का परिचय
6 दिसंबर 1992 में विवादित ढांचे का ध्वंस हुआ था। उस वक्त प्रदेश भर में कर्फ्यू लगा था। उस समय रामपुर में भी कर्फ्यू लगा था लेकिन जनपद के लोगों ने कभी कर्फ्यू नहीं समझा। हिंदू-मुस्लिम एक जगह बैठते थे। एक-दूसरे के परिवार का ख्याल रखते थे। आपसी प्रेम को लेकर यहां से गए मैसेज को पूरे देश में सराहा गया था। बुधवार को जब दो गुटों में गोलियां चली थीं तो दो लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद भी लोगों ने हिंदू-मुस्लिम एकता का परिचय दिया।
अब भी गांव में लगी है फोर्स
पनबड़िया में हुए डबल मर्डर के बाद पुलिस बल ने वहां डेरा डाल दिया है। सरकारी बिल्डिंग ब्लाॅक चमरोवा में एक सेक्शन पीएसी भी रुकी हुई है। गांव में सिविल पुलिस लगी हुई है। दोनों पीड़ित परिवारों के घर के बाहर पुलिस लगी है। वहीं, घटना के बाद दोनों पक्षों के लोग अंतिम संस्कार के बाद गांव छोड़कर चले गए हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही है।
Published on:
23 Feb 2019 12:11 pm

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