
जीत के बाद भाजपा विधायक आकाश सक्सेना के साथ शफीक बांए से पांचवे
उत्तर प्रदेश में निकाय चुनाव के साथ ही आज स्वार विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव का भी रिजल्ट आया। चुनाव नतीजे में अपना दल (सोनेलाल) के प्रत्याशी शफीक अंसारी ने समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी अनुराधा चौहान को करीब 8724 वोटों से हरा दिया। इसी के साथ ही शफीक भारतीय जनता पार्टी गठबंधन के पहले मुस्लिम विधायक बन गए। इससे पहले 2017 और 2022 विधानसभा चुनाव में भाजपा गठबंधन से कोई भी मुस्लिम प्रत्याशी चुनाव नहीं जीत पाया था।
कौन हैं शफीक?
स्वार विधानसभा सीट उपचुनाव में विजयी हुए शफीक अहमद अंसारी पहले बसपा और सपा में भी रह चुके हैं। अंसारी जब सपा में थे तो आजम खान के करीबी हुआ करते थे। लेकिन इस बार उन्होंने आजम खान को चुनौती दी थी। वह पहले नगर पालिका के अध्यक्ष रह चुके हैं। जबकि, उनकी पत्नी रेशमा परवीन अंसारी स्वार नगर पालिका की निर्वतमान अध्यक्ष हैं। इस बार वह फिर से अपना दल के टिकट पर नगर पालिका अध्यक्ष बनने में कामयाब हो गई हैं।
अपना दल ने शफीक,सपा ने अनुराधा को बनाया था प्रत्याशी
मुरादाबाद की कोर्ट ने अब्दुल्ला आजम को छजलैट प्रकरण के 15 साल पुराने मुकदमे में 13 फरवरी 2023 को दो साल की सजा सुना दी। इसके बाद 15 फरवरी को अब्दुल्ला की विधायकी खारिज करते हुए इस सीट को रिक्त घोषित कर दिया।
चुनाव आयोग ने कर्नाटक विधानसभा के चुनाव के साथ स्वार सीट पर उपचुनाव कराने का ऐलान किया। उपचुनाव में भाजपा ने यह सीट अपना दल (एस) के लिए छोड़ दिया और अपना दल (एस) ने स्वार के पूर्व पालिकाध्यक्ष शफीक अहमद अंसारी को अपना प्रत्याशी घोषित किया। वहीं सपा ने इस सीट से जिला पंचायत सदस्य अनुराधा चौहान को अपना उम्मीदवार बनाया था। आइए जानते है कैसे वह भाजपा गठबंधन के पहले मुस्लिम विधायक बन गए?
भाजपा गठबंधन में अब तक नहीं था मुस्लिम विधायक
2022 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी और उनके साथ गठबंधन में शामिल पार्टियों में से सिर्फ अपना दल ने ही हैदर अली खां उर्फ हमजा मियां को रामरपुर की स्वार सीट से प्रत्याशी बनाया था। लेकिन उस वक्त अब्दुल्ला आजम ने उन्हें 61,103 वोटों से हराया था। लेकिन छजलैट प्रकरण में अब्दुल्ला की विधायकी जाने के बाद हो रहे इस उपचुनाव में अपना दल ने इस बार शफीक अहमद अंसारी को अपना प्रत्याशी बनाया और वह भाजपा गठबंधन से विधायक बनने में कामयाब हो गए।
हालांकि 2017 में मोहसीन रजा और 2022 में दानिश आजाद अंसारी को CM योगी के दोनों कार्यकाल में मंत्री बनाया गया। लेकिन वह विधानपरिषद के रास्ते मंत्री बने न कि विधानसभा के। लेकिन शफीक आधिकारीक तौर पर विधानसभा का चुनाव लड़कर जीतने वाले भाजपा गठबंधन के पहले मुस्लिम विधायक बने हैं।
खुद बने विधायक पत्नी को बनाया पालिका अध्यक्ष
स्वार से खुद विधायकी का चुनाव लड़ रहे शफीक अहमद अंसारी ने खुद तो चुनाव लड़ा ही नगर पालिकाध्यक्ष पद पर अपनी पत्नी रेशमा परवीन को चुनाव मैदान में उतार दिया। रेशमा निर्वतमान चेयरमैन हैं और इस बार भी उन्होंने निकाय चुनाव जीतने में कामयाब रही है। इस तरह से एक ही दिन में पति-पत्नी दोनों ही चुनाव जीतने में कामयाब हो गए।
भाजपा विधायक को दिया जीत का श्रेय
अपनी जीत के बाद शफीक अहमद ने कहा कि इस जीत में बीजेपी विधायक आकाश सक्सेना और बीजेपी व अपना दल एस के कार्यकर्ताओं का बड़ा योगदान रहा। उन्होंने कहा कि इस जीत के बाद उनके पास बोलने के लिए कोई शब्द नहीं है।
Published on:
13 May 2023 09:23 pm

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