
यूपी की इस सीट से गठबंधन के उम्मीदवार होंगे आजम, कांग्रेस की 'बेगम' को देंगे टक्कर!
रामपुर। सपा और बसपा के गठबंधन के बाद उनके बीच सीटों का भी फैसला हो चुका है। तीन सीटें रालोद और दो कांग्रेस के लिए छोड़ने के बाद सपा के खाते में 37 और बसपा के हिस्से में 38 सीटें आई हैं। इनमें से वेस्ट यूपी की ज्यादातर सीटों पर बसपा तो सपा के दबदबे वाली सीटों पर समाजवादी पार्टी को मौका मिला है। इनमें से एक सीट पश्चिमी उत्तर प्रदेश की रामपुर की लोकसभा सीट भी है।
गठबंधन में तय हो गया सीटों का बंटवारा
सपा और बसपा गठबंधन की सीटें फाइनल होने के बाद अब यह तो तय हो गया है कि यूपी की कौन सी सीट किसके हिस्से में जाएगी। इसके बाद अब दावेदारों की लाइन लगनी शुरू हो गई है। अब कुछ ऐसी सीटें भी हैं, जहां से कुछ दिग्गज चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुके हैं। अब उनके सामने कौन अपनी दावेदारी पेश करेगा। ऐसी ही सीट है रामपुर लोकसभा की। यहां से सपा के कद्दावर नेता और पूर्व मंत्री आजम खान चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुके हैं। गठबंधन के तहत यह सीट सपा के खाते में गई है। यह भी माना जा रहा है कि आजम यहां से अपने बेटे अब्दुल्ला आजम को भी मौका दिला सकते हैं। लेकिन उनके चांस ज्यादा हैं।
जिले में हैं 50 फीसदी से ज्यादा मुसलमान
इस जिले में 50 फीसदी से ज्यादा मुसलमान हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव में सपा यहां से दूसरे नंबर पर रही थी। भाजपा के नेपाल सिंह मात्र दो फिसदी वोट से यह सीट जीते थे। अब गठबंधन होने की स्थिति में पास पलट सकता है। आजम रामपुर विधानसभा सीट से नौ बार विधायक रह चुके हैं। साथ ही बॉलीवुड अभिनेत्री जया प्रदा को भी संसद पहुंचा चुके हैं। जिले की पांच विधानसभा सीटों में से तीन पर सपा का कब्जा है। इनमें से एक आजम खान और दूसरी उनके बेटे के पास है। रामपुर में बसपा का एक भी विधायक नहीं है। इस हिसाब से यह पहले से ही तय था कि रामपुर सीट सपा के खाते में जाएगी।
भाजपा की इनका नाम है चर्चा में
अगर बात भाजपा की करे तो सांसद नेपाल सिंह अपने बेटे को यहां से टिकट दिलाना चाह रहे हैं। उनके अलावा श्यामलाल एडवोकेट, पूरनलाल लोधी, आकाश हनी, सौरभ पाल और प्रशांत लोधी भी रेस में शामिल हैं। आकाश हनी ने तो आजम खान के खिलाफ मोर्चा भी खोल रखा है।
कांग्रेस से बेगम नूरबानो के चांस ज्यादा
वहीं, कांग्रेस की तरफ से राष्ट्रीय प्रवक्ता राशिद अल्वी ने जनपद में पार्टी के लोगों की राय जानने के लिए गुरुवार को बैठक भी की थी। इस दौरान हंगामा भी हुआ। वैसे यहां से पूर्व सांसद बेगम नूर बानो टिकट की लाइन में हैं। उनकी दावेदारी भी मजबूत है। बेगम नूरबानो रामपुर से दो बार लोकसभा सदस्य चुनी जा चुकी हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव संजय कूपर भी टिकट की रेस में हैं।
शिवपाल यादव ने सोने के कारोबारी को दिया टिकट
हालांकि, रामपुर से सबसे पहले शिवपाल यादव ने प्रगतिशील समाजवादी पार्टी से अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। शिवपाल यादव ने रामपुर से सोने के कारोबारी संजय सक्सेना को टिकट दिया है। संजय सक्सेना कई साल से दिल्ली में रहकर गोल्ड का कारोबार कर रहे हैं। वह मूल रूप से इसी नगर के मोहल्ला खारी कुआ के रहने वाले हैं।
पिछले लोकसभा चुनाव का रिजल्ट
- डाॅ. नेपाल सिंह- भाजपा- 358616
- नसीर अहमद खां- सपा- 335181
- नवाब काजिम अली खां- कांग्रेस- 156460
- हाजी अकबर हुसैन- बसपा- 81006
Published on:
23 Feb 2019 03:13 pm

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