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(रवि सिन्हा की रिपोर्ट)
रांची। झारखंड से वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में निर्वाचित भाजपा के सभी 12 सांसदों ने ही रघुवर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इन सांसदों ने गुणवत्ता के नाम पर सरकारी प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों को बंद किए जाने के राज्य सरकार के फैसले का विरोध किया है।
विलय प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग
राज्य के 12 भाजपा सांसदों की ओर से मुख्यमंत्री रघुवर दास को एक पत्र भी लिखा गया है, जिसमें राज्य में संचालित प्राथमिक एवं मध्य विद्यालय के विलय प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की है। इन सांसदों ने कहा है कि विद्यालय बन्द होने से अशिक्षा बढ़ेगी जो दुर्भाग्यपूर्ण है, इसलिए विलय प्रक्रिया पर तुंरत रोक लगाकर शिक्षा को सुद्ढ करना चाहिए। पार्टी सांसदों ने कहा कि स्कूलों को विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर बंद किया जा रहा है। इस निर्णय से जनता में खासा रोष है। उन्होंने कहा कि ऐसे स्कूलों के लिए बड़े-बड़े अच्छे भवन बने हुए हैं, जो स्कूल बंद हो जाने से भविष्य में खंडहर हो जाएंगे या फिर अराजक तत्वों की शरण स्थली बन जाएंगे।
इन सांसदों ने पत्र पर किए हस्ताक्षर
इस पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद लक्ष्मण गिलुवा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद डॉ रवींद्र कुमार राय, पीएन सिंह, केंद्रीय राज्यमंत्री सुदर्शन भगत, जयंत सिन्हा, सांसद कड़िया मुंडा, बीडी राम, सुनील सिंह, विद्युत वरण महतो, रामटहल चौधरी, निशिकांत दूबे और रवींद्र पांडेय का नाम शामिल है।
5000 स्कूलों को बंद करने की योजना
गौरतलब है कि झारखंड सरकार ने जिन स्कूलों में छात्र-छात्राओं की संख्या 40 से कम है उन्हें बंद कर वहां पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को निकट के दूसरे स्कूल में विलय करने का निर्णय लिया है। इस तरह के करीब 5000 स्कूलों को बंद करने की योजना पर काम चल रहा है। यह भी ज्ञातव्य है कि झारखंड की 14 लोकसभा सीटों में से वर्ष 2014 में भाजपा ने 12 सीटों पर जीत हासिल की थी और इस मुद्दे को लेकर निर्वाचित भाजपा के सभी सांसद एक साथ एक मंच पर आ गए हैं। जबकि विपक्षी दलों की ओर से पहले से ही राज्य सरकार के इस निर्णय के खिलाफ आंदोलन किया जा रहा है।
Published on:
09 Aug 2018 04:01 pm

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