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Jharkhan CM: हेमंत सोरेन को हाई कोर्ट से लगा बड़ा झटका, MP-MLA कोर्ट में चलेगा मुकदमा; जानें पूरा मामला

ईडी ने आरोप लगाया कि रांची के बड़गाईं अंचल से जुड़े कथित जमीन घोटाले में पूछताछ के लिए उन्हें कई बार समन भेजे गए थे।

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रांची

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Ashib Khan

Jan 15, 2026

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सीएम हेमंत सोरेन को हाई कोर्ट से लगा झटका (Photo-IANS)

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। जस्टिस अनिल कुमार चौधरी की बेंच ने सीएम के खिलाफ एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रहे केस को निरस्त करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। यह पूरा मामला रांची के चर्चित भूमि घोटाले में ईडी की ओर से जारी समन की अवहेलना के आरोप का है। 

ईडी की शिकायत के बाद कार्रवाई हुई शुरू

बता दें कि एमपी-एमएलए कोर्ट ने ईडी की शिकायत पर संज्ञान लेने के बाद न्यायिक कार्यवाही शुरू की थी। सीएम हेमंत सोरेन ने इसको लेकर हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। साथ ही खारिज करने की भी मांग की थी। सीएम हेमंत सोरेन के खिलाफ फरवरी 2024 में ईडी ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) अदालत में शिकायतवाद दर्ज कराया था।

कब-कब जारी किया था समन

ईडी ने आरोप लगाया कि रांची के बड़गाईं अंचल से जुड़े कथित जमीन घोटाले में पूछताछ के लिए उन्हें कई बार समन भेजे गए थे। ईडी ने बताया कि पहला समन 14 अगस्त 2023 को भेजा गया था। इसके बाद 19 अगस्त, 1 सितंबर, 17 सितंबर, 26 सितंबर, 11 दिसंबर, 29 दिसंबर और 2024 में 13 जनवरी, 22 जनवरी तथा 27 जनवरी को भी समन भेजे गए थे। लेकिन इनमें से महज दो समन पर ही सीएम हेमंत सोरेन व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए थे। 

वहीं ईडी ने दावा किया कि पीएमएलए की धारा 63 तथा आईपीसी की धारा 174 का उल्लंघन है। एजेंसी की इस शिकायत पर सीजेएम कोर्ट ने 4 मार्च 2024 को संज्ञान लिया था। इसके बाद एमपी-एमएलए विशेष कोर्ट में मामला ट्रांसफर कर दिया गया। 

सीएम ने हाई कोर्ट में दी थी चुनौती

बता दें कि सीएम सोरेन ने संज्ञान लेने की कार्रवाई को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। इस दौरान सीएम सोरेन ने कहा कि जिन समनों पर वह उपस्थित नहीं हुए थे, उनका लिखित जवाब उन्होंने ईडी को भेज दिया था। पुराने समन लैप्स होने के बाद नए समन पर उन्होंने हाजिरी दी थी और एजेंसी के निर्देशों का अनुपालन किया था। उनका कहना है कि ईडी ने दुर्भावना से प्रेरित होकर अनावश्यक रूप से बार-बार समन भेजे।

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