रतलाम। किसी ने कहा है प्रतिभा कभी उम्र की मोहताज नहीं होती, इस बात को सिद्ध किया है शहर के क्षितिज व्यास ने। मात्र 15 वर्ष की उम्र में उन्होने अपने पिता द्वारा बनाई फिल्म को न सिर्फ संपादित किया, बल्कि अब वे इसी दिशा में आगे बढऩे के लिए प्रयास कर रहे है। क्षितिज फिल्म संपादन का काम ऑनलाइन पढ़कर किया।

शहर के सूरजपौर निवासी क्षितिज व्यास ने 15 साल की उम्र में अपने ही पिता फिल्म प्रोड्यूसर और लीड एक्टर मुकेश व्यास की फिल्म को एडिट कर नाम रोशन कर दिया। क्षितिज ने बताया कि वें 10वीं कक्षा के विद्यार्थी और प्रोफेशनली कभी एडिटिंग नहीं सीखी। बस एडीटिंग ऑनलाइन से सीखी और दिन-रात मेहनत करके फिल्म की फाइनल एडिटिंग की है।
नई तकनीक इस्तेमाल कीक्षितिज का कहना है कि अब इस कार्य को लेकर आगे बढऩा चाहते हैं। केंद्रिय विद्यालय सागोद रोड पर पढ़ाई कर रहे हैं, उन्होंने फेसबुक पर क्षितिज व्यास द वीडियों एडीटर ऑफ फिचर फिल्मस दिया है और आगे भी एडिटिंग में ही अपना केरियर भी बनाने की योजना है। फिल्म की शूटिंग के लिए भी फूल एचडी कैमरे इस्तेमाल करने के साथ बहुत नई तकनीक इस्तेमाल की गई है।
सेंसर बोर्ड ने यूए का दिया सर्टिफिकेटमुकेश व्यास ने बताया कि रतलाम में बनी फिल्म हेप्पीनेस तेरे बिना मई 2016 में रतलाम के गायत्री सिनेमा में रिलीज हुई। पुत्र की मेहनत और लगन देखकर आगे भी इसी क्षेत्र में तैयार करना है। इस फिल्म के प्रोड्यूसर, डॉयरेक्टर से लेकर पूरी स्टार कास्ट शहर से ही है। फिल्म में लेटेस्ट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर प्रोफेशनल तरीके से पूरी तरह बॉलीवुड मूवी की तर्ज पर बनाई गई है। यह रतलाम की पहली फिल्म है जिसे सेंसर बोर्ड ने पास करके यूए सर्टिफिकेट दिया है। इस फिल्म का प्रसारण भी प्रोफेशनल फिल्मों की तर्ज पर यूएफओ द्वारा सेटेलाइट प्रसारण द्वारा किया जाएगा।
स्थानीय कलाकारों को मिला मौकाप्रोड्यूसर मुकेश व्यास ने बताया कि फिल्म के पहले उन्होंने थियेटर किए लेकिन फिल्म निर्माण की कोई जानकारी नहीं थी। टीम का साथ मिला तो अपने ही द्वारा लिखी कहानी पर फिल्म बनाना शुरू की। शुरुआत में डोक्युमेंट्री और फिर छोटी फिल्म बनाने का सपना टीम के सहयोग से कॉमर्शियल फिल्म के रूप में सामने आ गया। व्यास ने बताया कि फिल्म की शूटिंग भी रतलाम के अलावा सैलाना, शिवगढ़ में की गई है। गाने मांडू, धार में फिल्माएं गए हैं। पूरी फिल्म बनाने में करीब 4.5 लाख रुपए का खर्च आया है।
सभी स्थानीय कलाकारमुकेश ने बताया कि फिल्म निर्माण का मु य उद्देश्य स्थानीय कलाकारों को पहचान देना है। इसमें अभिनेता मैं स्वयं, अभिनेत्री पायल शर्मा, नेहा पंवार, सह अभिनेता लक गेहलोत, प्रतिक्षा , असलम शाह, वसीम आदि है।