रतलाम। चातुर्मासिक प्रवचन के दौरान आचार्यश्री विजय कुलबोधि सूरीश्वर महाराज के प्रवचन सैलाना वालों की हवेली मोहन टॉकीज में चल रहे है। इस दौरान उन्होंने उपस्थित धर्मालुओं बताया कि कभी गलती हो तो पुरुषार्थ करो, अच्छे कर्म करो, साधना करो, प्रभु की भक्ति करो, ऐसा करने से पाप धूल जाएंगे। यह ठीक ऐसा ही है, जिस प्रकार बम फटने से पहले पुलिस की ओर से उसे डिफयूज कर दिया जाता है और वह फटने से बच जाता है।
शनिवार सुबह आचार्यश्री विजय कुलबोधि सूरीश्वर महाराज ने सैलाना वालों की हवेली मोहन टॉकीज में कहा कि ठीक ऐसे ही कर्म होता है। सुख के कारण को दु:ख का कारण मानना चाहिए और दुख के कारण को सुख का कारण मानना चाहिए। जब कर्मों की निद्रा होगी, तब ही मोक्ष की प्राप्ती हो जाएगी।
ज्यादा लालच करना अच्छी बात नहीं
ज्यादा लालच करना अच्छी बात नहीं है। जीवन में कभी भी किसी चीज का लालच मत करो। कर्म का अच्छा या बूरा फल हर व्यक्ति को भुगतना पड़ता है। कर्म का फल तत्काल नहीं एक समय के बाद ही मिलता है।
नवकार मंत्र भाष्य जाप रविवार को
आचार्यश्री की निश्रा में 5 नवंबर को नवकार मंत्र भाष्य जाप होगा। यह गीत-संगीत एवं पूज्यश्री के विवेचन के साथ रविपुष्य नक्षत्र में नवकार महामंत्र का अद्भूत कार्यक्रम होगा। इसके लाभार्थी सेठ रतनलाल चैपड़ा की स्मृति में कमलाबाई, मनसुखलाल, मंजू, विपिन, अंजली, अनवी, मनवी चैपड़ा परिवार है। श्री देवसूर तपागच्छ चारथुई जैन श्रीसंघ गुजराती उपाश्रय, श्री ऋषभदेव केशरीमल जैन श्वेताम्बर तीर्थ पेढ़ी ने धर्मालुजनों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ लेने का आग्रह किया है।