- चेतावनी देने के साथ ही कमलनाथ पर लगाए आरोप- कमलनाथ के बयान को माना मध्य प्रदेश की जनता का अपमान
रतलाम। शहर के धान मंडी चौराहे पर बीजेपी (BJP) के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं द्वारा मध्यप्रदेश को मदिरा प्रदेश कहने पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamal Nath) के विरोध में उतरे गए। इस दौरान भाजपाईयों द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का पुतला दहन किया गया, इस दौरान शहर विधायक चेतन कश्यप जिला अध्यक्ष राजेंद्र सिंह लुनेरा और महापौर प्रह्लाद पटेल शामिल हुए।
भाजपा नेताओं (Bjp Leaders) द्वारा इस दौरान कहा गया कि आज यानि गुरुवार को कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamal Nath) के द्वारा जो बयान दिया गया है वह मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की जनता का अपमान है और यह मध्य प्रदेश को बदनाम करने की साजिश के तहत है। मध्य प्रदेश को मदिरा प्रदेश कहना एक पूर्व मुख्यमंत्री के मुंह से कभी भी शोभा जनक नहीं हो सकता है और निश्चित रूप से हम इसकी निंदा करते हैं। भाजपा के कार्यकर्ताओं (BJP Workers) का कहना था कि इसी कारण आज गुरुवार को कमलनाथ जी के पुतले का दहन किया गया। ताकि वे अपनी भाषा की मर्यादा का ध्यान रखें, क्योंकि वे प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भी हैं।
इस अवसर पर कांग्रेस व कमलनाथ को चेतावनी देते हुए कहा गया कि वे प्रदेश की गरिमा को बचा कर रखें, नहीं तो यह पूरी जनता और भारतीय जनता पार्टी मध्यप्रदेश के सम्मान के लिए खड़ी रहेगी। यह आरोप भी लगाया गया कि आज उनके कृत्यों को पूरा प्रदेश जानता है उन्होंने जब कोरोना का काल चल रहा था उस समय में फिल्म फेस्टिवल की चिंता की और हीरोइनों के साथ में चर्चा करने में मस्त रहे। न कि इस दौरान यानि कोरोना के समय मे प्रदेश की चिंता की और अब प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश को मदिरा प्रदेश के रूप में प्रचारित करने के एम्बेसडर बनने चले हैं।
ज्ञात हो इससे पहले मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की नई शराब नीति को लेकर सियासत गरमा गई थी। जिसे लेकर के शिवराज सरकार (Shivraj Sarkar) पर कमलनाथ (Kamalnath) लगातार सवाल खड़ा कर रहे हैं। इसी के तहत उन्होंने शिवराज सरकार (Shivraj Sarkar) पर तंज सकते हुए कहा कि आपकी सरकार ने देसी मदिरा और विदेशी मदिरा की संयुक्त दुकान खोलकर मध्यप्रदेश में शराब की दुकानों की संख्या करीब दोगुनी बढ़ा दी है। आप की नीति स्पष्ट है राशन महंगा और दारू सस्ती है। घर-घर दारू पहुंचाने की अपनी नीति के लिए आप मध्य प्रदेश की जनता से माफी मांगिये, बता दें कि हाल में ही सरकार नई शराब नीति लाई थी।
वहीं कमलनाथ ने छिंदवाड़ा (शिकारपुर) में पत्रकारों से बात के दौरान शिवराज सरकार के ऊपर अनेक आरोप लगाते हुए कहा नई शराब नीति की वजह से मध्य प्रदेश को मदिरा प्रदेश भी कह दिया। पिछले कुछ दिनों कमलनाथ और शिवराज लगातार एक दूसरे पर सवालों के माध्यम से आरोप लगाते आ रहे हैं और दोनों नेता एक दूसरे के वादों को झूठा साबित कर रहे हैं।
ऐसे समझें मप्र की नई शराब नीति
दरअसल नई शराब नीति के तहत मध्य प्रदेश में कई नियम बनाए गए हैं। जिसके अनुसार अब स्कूलों कॉलेजों के आसपास 100 मीटर तक कोई भी शराब की दुकान नहीं होगी। वहीं प्रदेश भर में अहाते-शॅाप बार पर पाबंदी लगा दी गई है। साथ ही साथ सस्ती शराब और बीयर बेचने पर भी रोक लगा दी गई है। इसके अतिरिक्त कम कीमत का शराब व बीयर पर स्लेप लगा दिया गया है और विदेशी शराब बेचने की छूट भी प्रदान कर दी गई है। ऐसे में शराब की बिक्री सस्ते दामों पर होगी, जिसको लेकर कमलनाथ ने तंज कसा।
नई शराब नीति के तहत शराब बिक्री का समय भी निर्धारित कर दिया गया है। जिसके अनुसार सुबह 9.30 से रात के 11.30 तक ही शराब की बिक्री की जा सकेगी। वहीं इस निश्चित समय के बाद शराब को बेचने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। वहीं समय सीमा के नियम के अतिरिक्त धार्मिक क्षेत्रों में इन दुकानों पर पाबंदी लगा दी जाएगी।
ज्ञात हो कि नई शराब नीति पर शिवराज सरकार के इस फैसले का केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने स्वागत किया था। वहीं शराब नीति को लेकर हमेशा मुखर रहने वाली उमा भारती ने भी इसे एक अच्छी शराब नीति बताया था।