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पेज एक पर फ्लायर : सड़कों पर गिरे व फटे तिरंगे एकत्र कर सम्मानपूर्वक करते हैं प्रवाहित, देते हैं संदेश

रतलाम

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Newsdesk

Aug 14, 2026

datia news

datia news (भाई ने की भाई की हत्या Photo Source- Patrika)

फोटो आरटी-1380-राष्ट्र ध्वज को सम्मानपूर्वक सहेजते नागर।
रतलाम. राष्ट्रीय ध्वज की याद आमतौर पर स्वतंत्रता दिवस, क्रिकेट मैच और गणतंत्र दिवस पर आम व्यक्ति को आती है। जब से हर घर तिरंगा अभियान शुरू किया, आम व्यक्ति को अपने घर-कारोबार के स्थान पर तिरंगा लगाने की मंजूरी दी गई, इसके बाद राष्ट्रीय ध्वज सहज मिलने लगा। ध्वज रैली आदि में लेकर निकलते तो है, लेकिन कई बार तेज चलते वाहन में उड़कर यहां-वहां चले जाता है। अधिकतर तो लोग ध्वज को संवेर लेते है, लेकिन जो लोग एकत्रित नहीं कर पाते, उनके लिए शहर के महेंद्र नागर कई साल से कटे-फटे, सड़क पर गिरे ध्वज को संवारने, एकत्रित करने का कार्य कर रहे है।

ऐसे ही है शहर के महेंद्र नागर और उनका राष्ट्रप्रेम। वे उज्जैन-रतलाम अप डाउन संगठन के संयोजक भी हैं और रेलवे से जुड़ी जनहितैषी समस्याओं के समाधान के लिए प्रयासरत रहते हैं। उनका यह जुनून देश सेवा में भी दिखता है। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद महेंद्र ने नागदा से रतलाम तक अप डाउन के दौरान ट्रेन में रैली निकाली थी, जहां प्रत्येक स्टेशन पर तिरंगा लहराया। इसके बाद से जब भी उन्हें कहीं गंदा, फटा या सडक़ पर गिरा हुआ तिरंगा दिखता है, वे उसे उठा लेते हैं।

एकत्र तिरंगे 15 अगस्त के बाद करेंगे प्रवाहित
नागर ऐसे ध्वज को रख लेते हैं। अधिक एकत्रित ध्वजों को वे सुरक्षित स्थान पर गड्ढे में या पानी वाले जलाशय में प्रवाहित कर देते हैं। पिछले छह माह में बड़ी संख्या में छोटे-बड़े झंडों को एकत्र कर संभालकर रखा है, जिन्हें वे 15 अगस्त के बाद प्रवाहित करेंगे। महेंद्र नागर ने कहा कि हम देश भक्ति का पर्व उत्साह से मनाते हैं, लेकिन पर्व के बाद फहराए हुए ध्वज को सम्मान के साथ उतारना हमारी जवाबदारी और राष्ट्र के प्रति कर्तव्य है। इसका निर्वहन हर नागरिक को करना चाहिए।

राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान
नागर का मानना है कि भारतीय ध्वज संहिता के अनुसार, राष्ट्रीय ध्वज को हमेशा सम्मानपूर्वक संभालना चाहिए। इसे जमीन पर गिरने नहीं देना चाहिए, न ही गंदा या फटा रखना चाहिए। सार्वजनिक प्रदर्शन के बाद, ध्वज को सम्मानपूर्वक उतारना और सुरक्षित स्थान पर रखना या गरिमापूर्ण तरीके से विसर्जित करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। राष्ट्रीय प्रतीकों का आदर करना देश के प्रति हमारी निष्ठा और गौरव का प्रतीक है।