20 जुलाई 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

epaper_icon

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

पेज एक पर लीड से बाटम तक – नगर निगम के साथ आरडीए भी चौराहों के सौंदर्यीकरण में निभाए भूमिका

5 min read
Google source verification

रतलाम

image

Newsdesk

Jul 20, 2026

datia news

datia news (भाई ने की भाई की हत्या Photo Source- Patrika)

स्पाट लाइट का लोगो रहेगा



रतलाम। अक्सर शहर में जब सुविधा देने की बात होती है तो करीब के जिले इंदौर से तुलना की जाती है। इंदौर में जिस तरह स्वच्छता अभियान के मामले में सहयोग करने का जुनून शहर में है, उसका अभाव रतलाम में है। लंबे समय से आरडीए में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के पद रिक्त थे, इनमें शासन ने नियुक्ति कर दीै। नगर निगम शहर में अलग-अलग चौराहों का विकास, सौदर्यीरकण कर रहा है, सिटी फोरलेन बना रहा है, अब जरुरत है, इंदौर की तर्ज पर आरडीए भी आगे आए और शहर के चौराहों का सौदर्यीकरण करना शुरू करें।

शहर के अलग-अलग चौराहों पर स्तंभ से लेकर फव्वारे तो बीते समय में बना दिए गए, लेकिन अब यह सिर्फ जगह घेरने के अलावा अन्य कोई काम नहीं आ रहे है। शहर में 70 के दशक से लेकर कुछ साल पूर्व तक फव्वारे से लेकर स्तंभ लगाए गए, इनका उद्देश्य सौदर्यीकरण करना था, लेकिन कुछ कायम है तो कुछ अपने स्थान से ही नदारत हो गए है। इतना ही नहीं रखरखाव के अभाव में यह अपने मुख्य उद्देश्य से ही भटक गए है। जहां समय बताने वाली घडी लगी हुई है, वो 12 साल से बंद है। शहर के चौराहों के सौदर्यीकरण की योजना पर अगर रतलाम विकास प्राधीकरण और नगर निगम मिलकर कार्य करें तो शहर अधिक सुंदर हो सकता है।


2007 में बना आरडीए के सामने
फोटो-आरटी-2001-आरडीए कार्यालय के बाहर बनाया हुआ स्तंभ
बच्चों में शुरुआती शिक्षा के लोक व्यापीकरण के लिए वर्तमान आरडीए कार्यालय के सामने 1 जुलाई 2007 को राजीव गांधी शिक्षा मिशन अंतर्गत स्तंभ बनाया गया। इसका उद्देश्य छोटे बच्चों को शिक्षा से जोड़ा जाए, इसकी अलख जगाना था। अब यह स्थान पर स्तंभ तो है, लेकिन इसपर समय-समय पर लगने वाले प्रचार के पोस्टरों ने इसकी असल पहचान ही गायब कर दी। कभी-कभी कुत्ते आकर जरुर इस पर बैठ जाते है।


पौधरोपण अभियान, उजड़ा हुआ बगीचा
फोटो-आरटी-2002-कालिका माता मंदिर में प्राचीन शिव प्रतिमा
शहर में जनजन की आस्था के केंद्र मां कालिका मंदिर के सामने गरबा पांडाल है। यहां पूर्व के समय का बगीचा है। इस बगीचे में बाबा महादेव की अति प्राचीन प्रतिमा है। इस प्रतिमा के सामने ही नगर निगम कर्मचारी हर दिन का कचरा जला रहे है। इतना ही नहीं, प्रतिमा स्थल पर ही फ्व्वारा लगा हुआ है, जो कई वर्ष से बंद पड़ा हुआ है। यहां तक की निगम पूरे शहर में पौधरोपण अभियान चलाए हुआ है, लेकिन इस बगीचे की देखरेख का अभाव है।


शहर की पहचान बंद, पौधों से संवार रहे
फोटो-आरटी-2003-महू रोड फव्वारा चौक, जहां कई साल से बंद फव्वारा
महू रोड पर 70 के दशक का बना हुआ फव्वारा कभी शहर की पहचान था। शाम को इस फव्वारे को चलाया जाता था। इसमें रंगबिरंगी रोशनी जलती थी। इसको देखने शाम के समय शहर के लोग उमडते थे। करीब बीस साल से यह फव्वारा बंद पड़ा हुआ है। फिलहाल नगर निगम ने इसके सौदर्यीकरण योजना अंतर्गत हरियाली की है, लेकिन यह नाकाफी है। फव्वारे के खराब संसाधन को बदलकर फिर शुरू किया जाए तो क्षेत्र में सौदर्यीकरण बढे़गा।


पोल लगाया, हरियाली नहीं
फोटो-आरटी-2004-दिलबहार तिराहे पर कभी था स्तंभ, अब गायब हो गया
दिल बहार तिराहे पर किसी समय स्तंभ लगा हुआ था। इसके इर्दगिर्द राष्ट्रीय आयोजन के कार्यक्रम होते थे। स्तंभ क्षतिग्रस्त होने पर उसको सही कराने के बजाए पूरा हटा दिया। लगाने का कार्य नगर निगम ने किया था। अब यहां बिजली का हाईमास्क लगाया हुआ है। रोशनी की बेहतर व्यवस्था तो की, लेकिन अब तक इस क्षेत्र में हरियाली के लिए कोई योजना नहीं बनाई है, जबकि सबसे अधिक यातायात इस क्षेत्र में 24 घंटे रहता है।


बंद हो गया फव्वारा यहां भी
फोटो-आरटी-2005-स्टेशन रोड थाने के बाहर बना 1995 में हुआ था निर्माण
शहर के स्टेशन रोड पुलिस थाने के सामने 1995 में रोटरी सर्कल बनाया। इसको तत्कालीन दौर में सौदर्यीकरण योजना अंतर्गत बनाया। इसमें फव्वारा लगाया। अब फव्वारा कई वर्ष से बंद पड़ा है। इसके अलावा इसको जब लगाया था, उसका शिलालेख भी कई वर्ष से गिरा हुआ है। रोटरी क्लब भी इस और ध्यान नहीं दे रहा है। क्लब ही इसके सौदर्यीकरण की दिशा में कार्य करते हुआ आगे आए और अंदर ही सुंदर फूल के गमले लगाए तो चौराहा सुंदर हो सकता है।


कई साल से समय सही नहीं
फोटो-आरटी-2006-यहां कई साल से बंद है घड़ी
शहर के मध्य छत्री पुल से जिला कोर्ट जाने वाले मार्ग पर रोटरी क्लब ने तत्कालीन दौर में स्तंभ बनवाकर चार दिशा में चार घडि़या लगवाई थी। बीच-बीच में यह बंद हुई व इनको सही करवाकर चलवाया गया। अब कई साल से चारो दिशा की घड़ी अलग-अलग समय बता रही है। किसी घड़ी में सुबह के 7 तो किसी में दोपहर के 12 बजे पडे़ है। इन बंद घडि़यों के पीछे ही संविधान निर्माण में अहम किरदार निभाने वाले बाबा साहब डॉ भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा है, लेकिन इनको मानने वाले भी आवाज नहीं उठा रहे है कि बाबा साहब की प्रतिमा के पीछे लगी हुई बंद घड़ी को शुरू करवाया जाए।


कलश अब तक सही, जरुरत पौधों से सजाने की
फोटो-आरटी-2007-डालूमोदी बाजार पर लगा हुआ अमृत कलश

वर्ष 2007-2008 के दौर में पूर्व मंत्री हिम्मत कोठारी के मंत्री रहने के दौरान भाजपा के पितृ पुरुष कुशाभाऊ ठाकरे की याद में अमृत कलश का निर्माण करवाया गया। तब से अब तक यह सही सलामत तो है, लेकिन इसके आसपास मंडराने वाले गोवंश को पकड़ने का काम निगम का स्वास्थ्य विभाग का अमला नहीं कर रहा है। अमृत कलश की बाउंड्रीवाल के अंदर ही पौधरोपण कर दिया जाए तो न सिर्फ सौदर्यीकरण की योजना साकार होगी, साथ ही शहर के मध्य का क्षेत्र सुंदर हो जाएगा। फिलहाल नाहरपुरा से लेकर धानमंडी, बजालखाना से लेकर बाजना बस स्टैंड के डेढ़ किमी के क्षेत्र में हरियाली का अभाव है।


दो साल से नहीं आए यहां
फोटो-आरटी-2008-यहां अंतिम बार सफाई दो वर्ष पूर्व की
शहर के फ्रीगंज, डाट की पुल, न्यू रोड को जोड़ने वाले दो बत्ती पर स्तंभ बना हुआ है। जय रतलाम और अशोक चक्र बने हुए इस स्तंभ की अंतिम बार सफाई दो वर्ष पूर्व 2024 में की थी। इस बात की गवाही स्तंभ की बाउंड्री पर लिखी हुई इबारत स्वच्छता अभियान 2024 स्वयं दे रही है। स्वचछता अभियान के दौरान अंदर गमले रखकर सजाया था, बाद में उनको हटा दिया। क्षेत्र को सौदर्यीकरण की योजना अंतर्गत इस स्तंभ को सजाने का कार्य किया जा सकता है।


कायम है महावीर की वाणी
फोटो-आरटी-2009-कॉलेज चौराहा पर संयुक्त जैन महिला मंडल ने लगाई थी अहिंसा वाणी
तत्कालीन दौर में हिंसा का जब बोलबाला बढ़ रहा था, तब शहर के कॉलेज रोड पर अहिंसा वाणी का निर्माण किया गया। जैन संयुक्त महिला मंडल ने इसको लगवाया। जब यह लगाया तब नवकार महामंत्र का जप किया। इसके बाद सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवाल तो बनाई, लेकिन सौदर्यीकरण की दिशा में कोई संगठन ने पहल नहीं की। आसपास हरियाली बढ़ाकर इसको और अधिक सुंदर बनाने की दिशा में कार्य किया जा सकता है।


कई योजनाएं पाइप लाइन में
फोटो-आरटी-2010-मनोहर पोरवाल, अध्यक्ष, रतलाम विकास प्राधीकरण
शहर के सौदर्यीकरण की कई योजनाएं पाइप लाइन में है। इनके लिए योजना पर कार्य जारी है। शहर से यह वचन है कार्यकाल के पूरे होने से पूर्व आरडीए की पूरी टीम शहर का इंदौर की तर्ज पर सौदर्यीकरण करेगी।
-मनोहर पोरवाल, अध्यक्ष, रतलाम विकास प्राधीकरण

योजनाओं पर कार्य जारी
फोटो-आरटी-2011-प्रहलाद पटेल, महापौर, नगर निगम
शहर के सौदर्यीकरण की योजनाओं पर धरातल पर कार्य जारी है। शहर में कई सिटी फोरलेन बनाए है व और बनना है। हनुमान ताल का सौदर्यीकरण, अलकापुरी चौराहा पर सौदर्यीकरण का कार्य चल रहा है। नगर निगम से पैलेस रोड बनाए सिटी फोरलेन पर बगीचा निर्माण जारी है। दो बत्ती पर हाकर्स जोन पर बगीचा बनाने जा रहे है। इन सब के अतिरिक्त जो स्थान बच गए है, वहां भी सौदर्यीकरण करेंगे।
- प्रहलाद पटेल, महापौर, नगर निगम