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दिल्ली-मुंबई रूट पर ‘कवच’ के साथ दौड़ेगी ट्रेन, ऐसे होगी यात्रियों की सुरक्षा

Kavach System in Trains : रतलाम रेल मंडल के प्रबंधक अश्विनी कुमार ने बताया कि, नागदा-गोधरा खंड में भैरूगढ़ तक परीक्षण किया है। यह बेहद सुरक्षित है। 96 किमी के वडोदरा-अहमदाबाद खंड में परीक्षण हो चुका है। अंतिम परीक्षण और कमीशनिंग की प्रक्रिया चल रही है।

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Kavach System in Trains

Kavach System in Trains

Indian Railways News : दस साल में आठ बड़ी रेल दुर्घटनाओं से सबक लेते हुए भारतीय रेलवे ने अब फोकस कवच (स्वचालित ट्रेन सुरक्षा) प्रणाली(Kavach System in Trains) को तेजी से लगाने पर किया है। देश के राजनीतिक और आर्थिक राजधानी को जोडऩे वाले प्रमुख नई दिल्ली-मुंबई रूट पर 2026 में ट्रेन ‘कवच’ की सुरक्षा में दौडऩे लगेगी। रेलवे करीब 3000 किमी लंबे दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा रूट पर कवच सिस्टम इंस्टाल कर रही है। 1386 किमी लंबे दिल्ली-मुंबई रूट में से 885 किलोमीटर में कवच लगा चुकी है। परीक्षण भी हो चुका है। पश्चिम रेलवे में रतलाम के नागदा जंक्शन से मुंबई तक 789 किमी रूट में से 405 किमी में ट्रायल हो चुका है। अब दिल्ली रूट पर बाकी 501 किमी में भी ‘कवच’ इंस्टाल किया जाएगा।

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रतलाम रेल मंडल के प्रबंधक अश्विनी कुमार ने बताया कि, नागदा-गोधरा खंड में भैरूगढ़ तक परीक्षण किया है। यह बेहद सुरक्षित है। 96 किमी के वडोदरा-अहमदाबाद खंड में परीक्षण हो चुका है। अंतिम परीक्षण और कमीशनिंग की प्रक्रिया चल रही है।

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ऐसा है कवच सिस्टम

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स्वदेशी टक्कररोधी प्रणाली कवच(Kavach System in Trains) को रिचर्स डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गेनाइजेशन (आरडीएसओ) ने बनाया। यह एक ही ट्रैक पर आमने-सामने आ रही ट्रेनों को ट्रैक कर ऑटोमैटिक ब्रेक लगा देगा। इसके लिए इंजन में माइक्रोप्रोसेसर, ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम लगाए जाते हैं। ये रेडियो संचार के जरिए सिग्नल सिस्टम और कंट्रोल टावर से जुड़े रहते हैं। 16 जुलाई को आरडीएसओ कवच के ताजा 4.0 संस्करण को मंजूरी दे चुका है।