21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बांझपन बन गया था महिला की मौत का कारण

नवविवाहिता की मौत पर सैलाना के प्रभारी एसडीओपी संदीपकुमार निगवाल ने की थी जांच

2 min read
Google source verification
बांझपन बन गया था महिला की मौत का कारण

बांझपन बन गया था महिला की मौत का कारण

रतलाम। शादी को पांच साल होने के बाद भी महिला को बच्चे नहीं होने से उसका पति और ससुराल पक्ष के लोग उसे बांझ कहकर न केवल प्रताडि़त करने लगे वरन उसे अन्य तरह से भी प्रताडऩा देने लगे थे। लगातार इस तरह के तानों से परेशान होकर महिला ने गत 5 दिसंबर को जहर पीकर आत्महत्या कर ली थी। नवविवाहिता की मौत के बाद सैलाना के प्रभारी एसडीओपी संदीपकुमार निगवाल ने जांच की तो पति दोषी पाया गया और इस पर उसके खिलाफ सरवन थाने में महिला को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने का केस पंजीबद्ध कराया।
यह था घटनाक्रम
रतलाम ग्रामीण और सैलाना के प्रभारी एसडीओपी निगवाल ने बताया 5 दिसंबर 2021 को कोलपुरा थाना सरवन निवासी महिला सूराबाई पति पिंकेश डिंडोर ने जहरीली दवाई पीकर आत्महत्या कर ली थी। महिला की आत्महत्या के बाद मामले में जांच की गई। नवविवाहिता की मौत पर मर्ग कायम करके की गई जांच में कई लोगों के बयान दर्ज किए गए। इनमें महिला के ससुराल पक्ष से लेकर मायके पक्ष और गांव के अन्य लोगों के बयान शामिल किए गए। इन लोगों ने कथनों में बताया कि सूरा की शादी के करीब 05 साल हो जाने के बाद भी उसे बच्चे नहीं होने के कारण उसका पति पंकेश उर्फ पंकज आए दिन बांझ औरत कहकर झगड़ा कर मारपीट करता था।

समझौता होने के बाद भी नहीं ले गया

वह स्वयं दूसरी शादी करने का कहकर भी परेशान करने लगा था। इस कारण सूरा परेशान रहने लगी और पंकेश द्वारा सुरा को घर छोड़कर चली जाने का बोला तो सूरा पीयर चली गई थी। पंकेश व उसके घर वालों से सामाजिक बैठक कर समझौते में सूरा के साथ मारपीट नहीं करने व उसे नि:संतान बोलकर ताना नहीं देने के संबंध में फैसला होने के बाद भी पति उसे लेने नहीं आ रहा था। सूरा उसका घर नहीं बिगाडऩा चाहती थी और उसके पति के साथ रहना चाहती थी। इसलिये घटना के एक दिन पूर्व सूरा उसके परिवार वालों को ससुराल कोलपुरा जाने का बोलकर घर से गई थी। इसी दौरान उसने जहर पी लिया जिससे बाद में उसकी मौत हो गई थी।