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नोबल इंटरनेशनल स्कूल की मान्यता का मामला: बच्चों के भविष्य के साथ खेल रहा विभाग और स्कूल

नोबल इंटरनेशनल स्कूल की मान्यता का मामला: बच्चों के भविष्य के साथ खेल रहा विभाग और स्कूल

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नोबल इंटरनेशनल स्कूल की मान्यता का मामला: बच्चों के भविष्य के साथ खेल रहा विभाग और स्कूल

रतलाम। महू-नीमच रोड पर खाराखेड़ी से आगे संचालित नोबल इंटरनेशनल स्कूल के बिकने के बाद इसके स्थान पर शुरू हुए बोधी इंटरनेशनल स्कूल प्रबंधन ने मान्यता आवेदन की अंतिम तिथि २० मार्च से ठीक दो दिन पहले यानि १८ मार्च को पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया था। मान्यता जारी करने के अंतिम दिन ३० मार्च को शिक्षा विभाग ने स्कूल को पहली से आठवीं तक की मान्यता जारी कर दी। इसी बीच इसका निरीक्षण और प्रतिवेदन सभी कार्य हो गया। इस पूरे मामले में पेंच यह सामने आ रहा है कि नोबल इंटरनेशनल स्कूल नर्सरी से लेकर १२वीं तक सीबीएसई से मान्यता प्राप्त था। स्कूल में दर्ज सारे बच्चे फिर से यहीं प्रवेश लेते हैं तो सारे बच्चों को अब सीबीएसई की बजाय एमपी बोर्ड के हिसाब से पढ़ाई करना होगी और एमपी बोर्ड का ही प्रमाण पत्र उन्हें मिलेगा। ऐसा नहीं होने पर उन्हें किसी दूसरे स्कूल में प्रवेश लेने को मजबूर होना पड़ेगा।

आठवीं तक ही चला सकेंगे स्कूल
नए सिरे से नए डाइस कोड के साथ बोधी इंटरनेशनल स्कूल को मान्यता मिलने के बाद नौवीं से १२वीं तक सीबीएसई से पढ़ाई करने वाले नोबल इंटरनेशनल स्कूल के विद्यार्थियों के सामने भी संकट खड़ा हो गया है। उन्हें किसी दूसरे स्कूल में प्रवेश लेना ही पड़ेगा क्योंकि बोधी इंटरनेशनल स्कूल को शिक्षा विभाग से पहली से आठवीं तक की ही मान्यता मिली है। यह मान्यता भी एमपी बोर्ड की है। नया स्कूल होने से सभी बच्चों को नए सिरे से प्रवेश देना पड़ेगा।

१३ मार्च को दी थी स्कूल बंद करने की सूचना
नोबल इंटरनेशनल स्कूल प्रबंधन ने १३ मार्च को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को स्कूल को पूरी तरह बंद करने और इसे आगे संचालित नहीं करने की सूचना दी थी। इस सूचना को विभाग ने गंभीरता से नहीं लिया और आवक-जावक में अंकित करके रख लिया। इसके ठीक पांच दिन बाद बोधी इंटरनेशनल स्कूल प्रबंधन की तरफ से इसी स्कूल भवन, खेल मैदान के साथ स्कूल की मान्यता के लिए आवेदन किया जिस पर विभाग ने मान्यता जारी की।

विभाग ने रिकार्ड जमा करने को कहा
नोबल इंटरनेशनल स्कूल प्रबंधन द्वारा स्कूल बंद करने का आवेदन मिलने और आरटीई में दर्ज बच्चों के अभिभावकों द्वारा हंगामा खड़ा किए जाने के बाद शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रबंधन को स्कूल का पूरा रिकार्ड संकुल केंद्र धराड़ पर जमा करने के निर्देश दिए हैं। बीईओ एमएल डामर ने आज इस पत्र को स्कूल प्रबंधन तक पहुंचाकर पावती प्राप्त की है। फिलहाल स्कूल की तरफ से कोई रिकार्ड बुधवार की शाम तक संकुल पर जमा नहीं करवाया गया था।

बकाया फीस राशि खत्म
नोबल इंटरनेशनल स्कूल में पढऩे वाले कई बच्चों में से किसी की पूरी तो किसी कम फीस बकाया है। स्कूल प्रबंधन इन बच्चों से एसएलसी देने के नाम पर वसूली नहीं कर पाए इसलिए सारा रिकार्ड संकुल पर जमा करने को कहा गया है। संकुल से उन सभी बच्चों को एसएलसी जारी की जाएगी जो लेने आएंगे। इसमें पुरानी बकाया फीस का कोई बंधन नहीं होगा। बताया जाता है कि पूर्व स्कूल प्रबंधन ने कुछ अभिभावकों को टीसी देने के नाम पर दबाव भी बनाया था।