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नई ‘कॉलोनियों’ और ‘एरियों’ के लिए बनेगी गाइडलाइन, 50% तक बढ़ेंगे रेट

MP News: विभाग कॉलोनियों के आसपास विकसित हो रहे नए क्षेत्र व कॉलोनियों पर निगाह जमा रहा है। जहां पर सबसे ज्यादा रजिस्ट्री की संभावना रहती हैं।

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land Guidelines

land Guidelines प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source - Patrika)

MP News: साल 2026-27 की नई गाइड लाइन को लेकर जिला पंजीयक विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी है। इसके लिए उन्होंने संबंधित विभागों व कॉलोनाइजरों को सूचना पत्र भेजे हैं। इसमें नई कॉलोनियों व विकसित होने वाले नए एरियों की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है। इस बार भी कुछ क्षेत्रों में 25 से 30 प्रतिशत, तो कुछ क्षेत्रों में 50 प्रतिशत बढ़ोत्तरी की संभावना जताई जा रही है। इधर तहसील पंजीयक कार्यालय भी इसको लेकर के अलर्ट हो गया है।

वह भी विभिन्न जानकारी को एकत्र करने में जुट गया है। इसके साथ ही कॉलोनियों के आसपास विकसित हो रहे नए क्षेत्र व कॉलोनियों पर निगाह जमा रहा है। जहां पर सबसे ज्यादा रजिस्ट्री की संभावना रहती हैं। इसके साथ ही जिन क्षेत्रों गाइड लाइन से अधिक की रजिस्ट्री हुई है। उन क्षेत्र व उसके आसपास के एरियों को चिह्नित किया जा रहा है।

मंत्रालय से सूची का इंतजार

इधर अधिकारियों ने मंत्रालय से आने वाली सूची का इंतजार है। क्योंकि मंत्रालय ने एआई व सैटेलाइट के माध्यम से सूची तैयार कराई है। वह सूची आने के बाद उससे मिलान कर मिसमेच निकाली जाएगी। अगर दर में किसी प्रकार का अंतर आता है तो उसके मान से दर तय की जाएगी।

सेक्टर व्यवस्था पर चल रहा मंथन

मंत्रालय इस बार सेक्टर व्यवस्था लागू करने को लेकर मंथन कर रहा है। अगर उस पर सहमति बन गई तो उसके हिसाब से गाइड लाइन तय होगी। अभी वार्ड में एक कॉलोनी के रेट को देखते हुए आसपास की कॉलोनियों के रेट निर्धारित होते हैं। अगर सेक्टर व्यवस्था शुरू होती है। तो आसपास के आठ-दस कॉलोनियों की एक ही दर निर्धारित हो जाएगी।

वार्ड व्यवस्था में हो रहा बदलाव

वर्ष 2026-27 की गाइड लाइन की तैयारी शुरू हो गई है। स्थानीय स्तर पर विभागों व कॉलोनाइजरों को सूचना पत्र भेज कर नए क्षेत्रों की जानकारी मांगी है। मंत्रालय से एआई द्वारा तैयार सूची आने का इंतजार है। उसके हिसाब से नए वर्ष की गाइड लाइन तय करने में सुविधा होगी। - प्रशांत पाराशर, प्रभारी जिला पंजीयक, रतलाम