रतलाम। श्वानों के आतंक से अब परिजन दहशत में है। बच्चों को घर से बाहर पहुंचाना भी अब जान जोखिम में डालने समान हो गया है। शहर की अलग-अलग कॉलोनी और ग्रामीण क्षेत्र से भी हर दिन श्वानों के हमले घायल हुए बच्चे, महिला और बड़े हर कोई अस्पताल पहुंच रहा है। सबसे अधिक चिंता उन परिजनों को है जो पैदल स्कूल जातेे है। मंगलवार को भी बड़ी संख्या में जिला अस्पताल परिजन दो-तीन से 10 साल तक के बच्चों को लेकर पहुंचे।
अस्पताल में बच्चों को लेकर पहुंच रहे परिजन राकेश बांगरे ने बताया कि श्वान के काटने के कारण बालक यश को लेकर आया हूं। 12 वर्षीय प्रींस चौधरी को भी श्वान ने हमला कर घायल कर दिया। प्रींस ने बताया कि मैं घर से बाहर निकला था, तभी एक श्वान आया और वह दूसरे पर दौड़ा, लेकिन वह तो भाग गया मैं पीछे से आ रहा था, तभी मेरे पैर में लपक लिया।
श्वान ने मुंह पर किया हमला
समीपस्थ ग्राम मांगरोल से घनश्याम पाटीदार श्वान के काटने के बाद तीन वर्षीय पूॢवत पाटीदार को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। पाटीदार ने बताया कि नन्हा बालक के मुंह में श्वान ने हमला किया और दांत लगा दिया, इसलिए उपचार कराने अस्पताल आए है।
कचरे ढेर पर मंडराते श्वान
शहर के मध्य कॉलोनी में जगह-जगह कचरे के ढेर लगाए जा रहे हैं, इन्ही कचरा ढेर में पड़ी हुई सामग्री पर पूरे दिन श्वान मंडराते रहते है। यहां से गुजरने वाले आम जन के अलावा स्कूली बच्चों पर ये श्वान अचानक हमला कर देते है। कई स्थान तो ऐसे जहां पर स्कूल के समीप ही कचरा ढेर लगाया जा रहे है।