
रतलाम । आजकल महिलाओं की लाइफ स्टाइल ऐसी हो गई है कि पे्रगनेंसी होते ही उन्हें डॉक्टर आराम की सलाह देने लगे हैं। यह महिलाओं को भी कंफर्टेबल लगने लगा है। वे डॉक्टर की बेड रेस्ट की सलाह पर पूरी तल्लीनता से तुरंत अमल भी करने लगती है। प्रेगनेंसी कामकाजी महिलाओं के लिए एक बड़ी समस्या की तरह भी है, क्योंकि उन्हें इसके लिए लंबे अवकाश की दरकार होती है। कई बार अवकाश नहीं मिलने के चलते कामकाजी महिलाएं लंबे समय तक प्रेगनेंसी को टालती भी रहती हैं, लेकिन रतलाम कलेक्टर छह माह से अधिक की प्रेगनेंसी के साथ हर दिन १० घंटे काम कर रही हंै। वे जिले की २८२ समितियों की पदेन अध्यक्ष भी है, हर दिन पांच से १० समितियों की बैठक और सामाजिक कार्यक्रमों में भी शिरकत करती हैं। इतना ही नहीं वे आए दिन जिले के दौरे पर निकल जाती हैं।
हम बात कर रहे हैं रतलाम कलेक्टर तन्वी सुन्द्रियाल की। सुन्द्रियाल सभी मिथकों को तोड़ते हुए गर्भावस्था में भी कम आराम और ज्यादा काम के पैटर्न पर चल रही हैं। वे रोजाना 10 घंटे काम कर रही हैं। ये काम केवल कार्यालय में कुर्सी पर बैठने तक का नहीं है। सामान्य बैठकों से लेकर फील्ड के दौरे भी वे नियमित कर रही हैं।
ये है लाइफ स्टाइल
पत्रिका डॉट कॉम ने जब तन्वी से ये पूछा कि वे प्रेगनेंसी के साथ कैसे मैनेज करती हैं तो उन्होंने सीधा सा जवाब दिया है। ये तो बहुत ईजी है। आपको बस समय का ध्यान रखना है। वे कभी भी अपने रुटीन के साथ कंप्रोमाइज नहीं करती है। चाहे जिनती भी वर्क प्रेशर हो लेकिन खाने-पीने के समय में कोई बदलाव नहीं होता है।
योगा और मार्निंगवॉक से है फिटनेस
कलेक्टर सुंद्रियाल का कहना है कि मैं पूरी तरह से फिट हूं, इसी कारण से मैं घर पर आराम करने के बजाए दफ्तर में काम कर रही हूं। समय पर उठना, समय पर सोना, समय पर खाने से मैंने कभी समझौता नहीं किया। सुबह ६.३० बजे करीब उठकर एक घंटे घूमती हूं और फिर योगा करती हूं। रात में खाना खाने के बाद पैदल घूमकर १०.३० से ११ बजे तक सो जाती हूं।
ये डाइट चार्ट
सुबह के नाश्ते में स्प्राउट के साथ दोपहर में हल्का लंच और फिर हर दो-दो घंटे में खाने में जूस या फल लेती हैं। इससे बॉडी में एनर्जी लेवल हमेशा मेनटेन रहता है। तन्वी ने बताया कि फिलहाल की स्थिति में हर दो घंटे में मुझे कुछ खाने के लिए लगता है। इस दौरान जूस, सलाद या फल खाती हूं। यदि किसी कार्यक्रम के मंच पर भी खाने का ध्यान तो रखती ही हूं।
धावक भी हैं तन्वी
आज तक मुझे काम करने से न तो मेरे पति ने मुझे मना किया है और न परिवार के अन्य सदस्यों ने, मेरे पति ने मेरा बहुत साथ दिया है। पति के साथ इंदौर व भोपाल में मैंने दो बार दस किमी. की दौड़ भी पूरी की है। यदि सब ठीक रहा तो वर्ष २०१८ की दौड़ में २१ किमी. दौडऩे का हमने लक्ष्य रखा है, जिसे पूरा करूंगी।
रतलाम के डॉक्टर दे रहे सलाह
कलेक्टर ने अभी तक इस प्रेगनेंसी के लिए कोई अवकाश नहीं लिया है। उनका इलाज भी रतलाम के ही चिकित्सक ही कर रहे हैं। उनकी यह कार्य प्रणाली शासकीय कर्मचारियों के लिए मिशाल बन सकती है। कलेक्टर की मानें तो उन्हें अभी आराम की जरूरत नहीं महसूस हुई, कभी डॉक्टर ने भी आराम की सलाह नहीं दी। काम करने में मजा आता है। बकौल कलेक्टर 'कर्मचारी भी सपोर्ट करते हैं, जब तक कोई परेशानी नहीं होगी, इसी तरह काम करते रहेंगे।
Published on:
08 Jan 2018 02:23 pm
बड़ी खबरें
View Allरतलाम
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
