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मदरसे के बच्चे के साथ अप्राकृतिक कृत्य

पुलिस ने मदरसे में साथ पढऩे वाले युवकों के खिलाफ किया केस दर्ज

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पुलिस ने मदरसे में साथ पढऩे वाले युवकों के खिलाफ किया केस दर्ज

रतलाम। शहर के महू रोड क्षेत्र में स्थित मदरसे से गायब बच्चे के मिलने के बाद उसने बड़ा खुलासा किया है। किशोर का कहना है कि उसके साथ मदरसे में पढऩे वाले दो लोगों ने अप्राकृतिक कृत्य किया है, जिसकी शिकायत पुलिस को मिलने पर स्टेशन रोड थाना पुलिस ने घटना के संबंध में केस दर्ज किया है। साथ ही वह इस मामले की जांच में जुट गई है।
स्टेशन रोड थाना पुलिस की माने तो शुक्रवार को सूचना मिली थी कि जिला अस्पताल से मदरसे का एक बच्चा गायब हो गया है। शुरुआती जांच में उसे एक महिला व पुरुष द्वारा ले जाए जाने की बात सामने आ रही थी। उसके आधार पर पुलिस रातभर उसे तलाशती रही। उसके नहीं मिलने पर पुलिस ने शनिवार सुबह चाइल्ड लाइन से संपर्क किया तो पता चला कि एक बच्चा रेलवे स्टेशन पर अकेले घूमता मिला था, जिसे सैलाना बस स्टैंड पर स्थित बाल गृह में रखा गया है।
बच्चे की जानकारी जुटाने के लिए पुलिस ने बाल गृह संपर्क किया तो किशोर के वहीं होने की बात सामने आई थी। बाल कल्याण समिति ने किशोर से चर्चा की तो उसने बताया कि उसके कमरे में रहने वाले दो लोगों ने उसके साथ कई बार अप्राकृतिक कृत्य किया है। यह बात किसी को नहीं बताने की बात भी उनके द्वारा की गई थी। साथी लड़कों से परेशान होकर उनकी शिकायत वहां के उस्ताद से की थी लेकिन उन्होने ध्यान नहीं दिया। इस कारण से वह मौका पाकर भाग गया था।

नाबालिग के साथ बलात्कार के दो आरोपियों को 15 वर्ष का कारावास
नीमच. नाबालिग के साथ बलात्कार करने के मामले में दो आरोपियों न्यायालय ने 15-15 वर्ष के कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है। प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी करने वाले अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी जगदीश चौहान ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि 23 अप्रैल 2014 की प्रात:15 वर्षीय बालिका घर पर अकेली खाना बना रही थी। इस दौरान सामने ही रहने वाला आरोपी महेश आया और पीडिता से बोला कि उसकी बहन बुला रही है। आरोपी पीडि़ता को साथ घर पर ले गया। वहां पर आरोपी का साथी बबलू भी आ गया। दोनों ने बालिका के हाथ-पैर और मुंह बांध कर उसके साथ दुष्कर्म किया और फरार हो गए। घटना की रिपोर्ट रामपुरा थाने पर दर्ज कराई गई। पुलिस ने दुष्कर्म, पाक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया। आरोपियों को गिरफ्तार कर चालान न्यायालय में पेश किया। न्यायालय में विचारण के दौरान अभियोजन द्वारा पीडिता, बलात्कार प्रमाणित करने के लिए मेडिकल करने वाले डॉक्टर, पीडि़ता को नाबालिक प्रमाणित करने वाले आवश्यक गवाहों सहित महत्वपूर्ण गवाहों के बयान न्यायालय में कराकर अपराध को संदेह से परे प्रमाणित कराया गया। दंड के प्रश्न पर पैरवीकर्ता ने तर्क दिया कि आरोपियों द्वारा नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया गया, वर्तमान परिप्रेक्ष्य में नाबालिगों के विरुद्ध बढ़ते अपराधों को देखते हुए कानून की मंशा अनुसार आरोपियों को कठोर दंड दिया जाना चाहिए। अभियोजन के तर्कों से सहमत होकर अपर सत्र न्यायाधीश अखिलेश कुमार धाकड़ द्वारा आरोपी महेश पिता श्यामलाल रेगर (20) निवासी नाका नम्बर 2 रामपुरा तथा बबलू पिता प्रभुलाल रेगर (20) निवासी जमुनिया रावजी थाना मनासा को दोषी पाते हुए १५ वर्ष ६ माह के सश्रम कारावास और २३००-२३०० रुपए के अर्थदंड से दंडित किया।