
एआई तस्वीर
रतलाम. प्रदेश की पुलिस आधुनिक संसाधनों से लैस होती जा रही है। इससे अपराधों पर अंकुश लगाने में उसके हाथ मजबूत होते जा रहे हैं। राष्ट्रीयस्तर के पोर्ट आईसीजेएस की बात ने दूसरे राज्यों से आकर जिले या प्रदेश में अपराध करके अपने क्षेत्र में पहुंचने वाले अपराधियों तक पुलिस के हाथ पहुंचने लगे हैं। जिले में ऐसे कई मामले हैं जिनमें दूसरे राज्यों के अपराधियों ने जिले में वारदात को अंजाम दिया और सीसीटीवी फुटेज या आपराधिक रिकॉर्ड के आधार पर पुलिस उन तक न केवल पहुंची वरन उन्हें गिरफ्तार कर लाई भी है। रतलाम में पुलिस विभाग की पूरी टीम तलाशी के इस काम में लगातार लगी हुई है और इसमें सफलता भी मिल रही है।
इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस) भारत में आपराधिक न्याय प्रणाली के विभिन्न अंगों जैसे पुलिस, अदालत, जेल और फोरेंसिक प्रयोगशालाओं के बीच डेटा और सूचना के आदान-प्रदान एक एकीकृत मंच (पोर्टल) है। आईसीजेएस पोर्टल में अपराधियों के आपराधिक रिकार्ड सर्च करने से आरोपी के अपराध प्रकरण, जेल की जानकारी, फरार एवं स्थाई वारंटी आदि के बारे में पूरी जानकारी फीड रहती है।
पुलिस मुख्यालय से दिए गए तकनीकी संसाधनों का रतलाम पुलिस काफी सही तरीके से उपयोग कर रही है। टीम में बलराम पाटीदार, लोमेश शर्मा, दिनेशसिंह बिष्ट और सपना भाटिया कार्य कर रहे हैं। अपराध विवेचना में ई-रक्षक ऐप, सीसीटीएनएस, आईसीजेएस, फेस फॉरेंसिक ऐप, विवेचना के दौरान बहुत कारगर साबित हो रहे है। यह प्रणाली आपराधिक न्याय प्रणाली को अधिक कुशल और पारदर्शी बनाने के लिए बनाई गई है।
स्टेशन रोड थाने के अंतर्गत धोखाधड़ी के आरोपी नमन शर्मा को पुलिस ने सात साल बाद हाल ही के महीनों में कांगड़ा हिमाचल प्रदेश से गिरफ्तार किया है। इसने हिमांशु प्रजापत नामक युवक को 2019 में मर्चेंट नेवी में भर्ती कराने के नाम पर 2 लाख 15 हजार की चपत लगाई थी।
जावरा शहर के बरगुंडापुरा निवासी महिला कांताबाई के यहां करीब ढाई लाख के आभूषण चोरी करने वाले आरोपी को पुलिस ने पहले सीसीटीवी फुटेज से ट्रेक कर उस तक पहुंची। आरोपी यासिन खां उर्फ बाकड़ा पिता काले खां निवासी कडिय़ाबाद अहमदाबाद से गिरफ्तार किया।
अगस्त 2025 में बड़ावदा के एक ज्वैलर के यहां खरीदी करने के दौरान सोने के 20 पेंडल चुराने वाले आरोपी का आईसीजेएस पोर्टल के माध्यम से आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला। इसमें देवास की चोर गैंग शामिल पाई गई। पुलिस ने सितंबर में इस गिरोह को गिरफ्तार कर लिया।
आईसीजेएस पोर्टल का उपयोग हमारी टीम तालमेल के साथ बेहतर तरीके से कर रही है। इसी से हमें सफलता मिल रही है। गंभीर मामलों में शातिर अपराधियों तक भी हम इसके जरिये पहुंचे। हमारी टीम लगातार इस पर लगी हुई है और अपराधियों के रिकार्ड खंगाल रही है।
अमित कुमार, एसपी, रतलाम
Published on:
08 Jun 2026 02:32 pm
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