
व्यापारियों का 35 लाख रुपए से ज्यादा का सोना लेकर चंपत हुआ बंगाल का कारीगर
रतलाम।
बंगाली कारीगर समय-समय पर यहां के सोना व्यापारियों और सोने के आभूषण का काम करवाने वाले व्यापारियों को चंपत लगाते रहते हैं। मंगलवार को भी एक बंगाली कारीगर के भागने की सूचना मिलने के बाद आभूषण बनवाने वाले व्यापारियों में हड़कंप मच गया। एक के बाद एक करके 15-20 व्यापारी माणकचौक थाने पहुंचे और अपनी व्यथा बताने पहुंच गए। मंगलवार की शाम तक जो जानकारी सामने आई है उसके अनुसार कारीगर इन व्यापारियों को सात सौ से आठ सौ ग्राम सोना यानि 35 से 40 लाख रुपए की चपत लगा गया है। माणकचौक थाना प्रभारी अनुराग यादव ने बताया पीडि़तों की तरफ से रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा।
पश्चिम बंगाल का रहने वाला है अमिरुल
व्यापारियों चेतन सोनी, अशोक थनवार, रवि सोनी आदि ने बताया कि अमिरुल पिता फरहाद शेख 28 निवासी हुबली जिला पांडवा पश्चिम बंगाल का रहने वाला था। इस समय वह अशोक नगर ग्रीन सिटी में अपनी पत्नी के साथ रहने लगा था। रतलाम में पिछले आठ से दस साल से रहकर सोने के आभूषण पर कारीगरी का काम करता था। उसने सोने के आभूषण बनाने वाले और व्यापारियों का विश्वास जीत लिया था। इसी का उसने फायदा उठाया। कुछ व्यापारियों से उसने सप्ताह भर पहले और कुछ से सोमवार को ही सोना लिया था।
सुबह 11.20 बजे बंद हो गया मोबाइल फोन
व्यापारियों के अनुसार सुबह करीब साढ़े नौ बजे तक अमिरुल रोज व्यापारियों से माल ले जाता और डिजाइन करके दे जाता था। सोमवार को भी उसने कई व्यापारियों से सोना लिया था। मंगलवार की सुबह साढ़े नौ बजे तक वह सराफा बाजार में था। इसके बाद वह चला गया। सुबह करीब साढ़े 11 बजे व्यापारियों ने उसे फोन किया तो उसका मोबाइल फोन बंद मिला। इससे सारे व्यापारी सकते में आ गए। उसकी तलाश शुरू की गई वह घर पर भी नहीं मिला और उसके घर पर ताला लगा हुआ था। इसके बाद एक-एक करके व्यापारी थाने पहुंचे।
इनका सोना ले गया कारीगर
चेतन सोनी के भाई रवि सोनी से 175 ग्राम, अशोक थनवार से २७ ग्राम, आकाश पिता कीर्तन पोरे से 57 ग्राम, सुरनीत पिता ओदिता साहा से 120 ग्राम, नौशाद अली पिता शेख इरायर अली 28 ग्राम, जावरा रोड निवासी एक व्यापारी की धनजी भाई का नोहरा स्थित दुकान से 400 ग्राम सोना ले गया है। व्यापारियों के अनुसार यह वे लोग हैं जो थाने पहुंचे हैं जबकि करीब 10 और व्यापारी हैं जिनसे भी करीब तीन सौ ग्राम सोना लेकर बंगाल का कारीगर चंपत हो गया है। सभी सोने को मिला लिया जाए तो इसकी कीमत ४० लाख से ज्यादा होती है।
पिछले साल भी हो चुकी है धोखाधड़ी
धनजी भाई का नोहरा निवासी तुकाराम देवकर पिता शिवराम देवकर और उसके दोस्त शौकत अली पिता शेष जहान अली निवासी वेदव्यास कालोनी के साथ भी जुलाई 2021 में ऐसी वारदात हो चुकी है। तुकाराम ने बंगाली कारीगर सोना माइती पिता भोला माइती निवासी ग्राम दुधकामरा शिबारा थाना दासपुर जिला पश्चिम मेदनीपुर (पश्चिम बंगाल) और शौकत अली ने कारीगर शेख आलम पिता शेख साजन निवासी ग्राम बेडेर ईश्वरबाग थाना चुजरा जिला हुगली (पश्चिम बंगाल) को जेवर बनाने के लिए रखा था। तुकाराम ने 22 जुलाई 21 को सोना माइली को 117 ग्राम सोना तथा शौकत अली ने अपने कारीगर शेख आलम को 50 ग्राम 820 मिली ग्राम सोना जेवर बनाने के लिए दिया था। ये दोनों दुकानों से खाना खाने के लिए घर जाने का कहकर निकले, लेकिन वापस नहीं लौटे थे। ये लोग भी अब तक पुलिस गिरफ्त में नहीं आए हैं।
Updated on:
09 Feb 2022 03:57 pm
Published on:
09 Feb 2022 11:39 am
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