लोहे के एंगल लगाए जा रहे, रात में चला काम, सीमेंट कांक्रीट से कर रहे पक्का
रतलाम। नगर निगम के सामने जिस स्थान से गुमटियां हटाई गई उस स्थान को सुरक्षित करने के लिए लोहे के एंगल लगाकर इसे सुरक्षित करने का काम शनिवार की शाम को शुरू किया गया। रात तक यह काम चला। लोहे के एंगल को सीमेंट-कांक्रीट से गाढ़ा जा रहा है जिससे ये स्थायी और पूरी तरह सुरक्षित रहे।बगीचे की लाइन में लगाए बेरिकेड्स
गांधी उद्यान की बाउंड्रीवाल बनी हुई है और इसी लाइन से आगे बढ़ाते हुए बेरिकेड्स लगाए जा रहे हैं जो कॉलेज के गेट तक लगाई जा रही है।
पॉश कॉलोनी में नल में जल आते ही रोड पर होता जलजमाव
शहर में चुनाव के पूर्व प्रत्याशियों ने कई वादे किए, लेकिन अब जब वक्त उनके समाधान का है, तब आंख बंद कर सभी बैठ गए। शहर के पॉश क्षेत्र या कॉलोनी कस्तूरबा नगर में शामिल रत्नपुरी में पानी आता है तो टूटी पेयजल पाइप लाइन के चलते हालात तालाब जैसे बन जाते हैं। इससे मच्छर तो पनप रहे हैं, इसके साथ - साथ अन्य मौसम से जुड़ी बीमारी भी बढ़ रही है। पत्रिका टीम ने शुक्रवार को हालात देखे तो बदहाल नजर आए।
बनते जल जमाव के हालात
कस्तूरबा नगर गली नंबर दो और पानी की टंकी के सामने वाली रोड पर बने घरों के सामने लंबे समय से टूटी पेयजल पाइप लाइन परेशानी का कारण बनी हुई है। यहां पर एक दिन छोड़कर मिल रहे पेयजल के दौरान जब नल में जल आता है तो बड़े - बड़े लीकेज के चलते घरों के बाहर पानी भर जाता है। इससे रहवासियों को चलना तो दूर, वाहन लेकर निकलने में भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। रहवासियों के अनुसार आठ माह से ये समस्या कायम है।
रोड का निर्माण भी नहीं हुआ
कस्तूरबा नगर गली नंबर 5 में भी कई सालों से रोड का निर्माण भी नहीं हुआ है। यहां के रहवासियों के अनुसार सीवरेज की लाइन डालने के लिए रोड खोदी और उसके बाद से रोड जर्जर है। कचरा संग्रहण के लिए मैजिक वाहन भी दो से तीन दिन में एक बार आता है। नालियों में सफाई के लिए भी इंतजार करना पड़ता है।
श्वान का है इधर भी आतंक
रहवासियों के अनुसार यहां कम से कम 10 श्वान है। बच्चों को बाहर खेलने के लिए भेजने में डर लगता है। क्योंकि दो तीन बार श्वान बच्चों पर झपट्टा मार चुके है। सिर्फ बच्चें ही नही बड़ों पर भी ये कभी - कभी हमला कर चुके है।
घर के आगे बनता तालाब
7-8 महीनों से यहां पाइप लाइन टूटी हुई है। कई बार शिकायतें की लेकिन कोई सुनने को तैयार नही है। जैसे ही नल आते है हमारे घरों के आगे तालाब बन जाता है।
- मंजू जैन, रहवासी कस्तूरबा नगर
रोड पर बहता पानी
तीन जगहों से पाइप लाइन टूटी, है जिससे पानी रोड पर कई महीनों से बह रहा है। बीच में शिकायत पर निगम इंजीनियर आए जरूर, लेकिन जो काम हुआ वो अस्थाई निकला। मुख्य समस्या रोड पर बह रहे इस पानी की है।
- अमित जैन, रहवासी, कस्तुरबा नगर
गिरने की संभावना कायम
टूटी पाइप लाइन सही होनी चाहिए। यहां कई बुजुर्ग लोग रहते है। गिरने की संभावना बना रहती है। इसके अलावा कुत्तों की भी संख्या बहुत हो गई है। इन्हें पकडऩा चाहिए।
- कैलाश सेठीया, रहवासी कस्तुरबा नगर
दो मुख्य समस्या है
टूटी पेयजल पाइप लाइन व जर्जर रोड, यहां की दो मुख्य समस्या है। एक साल पहले यह रोड बनी थी और अब यह उखड़ गई है।
- मधुकांता राठौर, रहवासी कस्तुरबा नगर