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जो मानव सुख व दु:ख में धर्म से विमुख नहीं होते, वे हर हाल में प्रसन्न रहते हैं

जो मानव सुख व दु:ख में धर्म से विमुख नहीं होते, वे हर हाल में प्रसन्न रहते हैं

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रतलाम

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Akram Khan

Oct 20, 2019

जो मानव सुख व दु:ख में धर्म से विमुख नहीं होते, वे हर हाल में प्रसन्न रहते हैं

जो मानव सुख व दु:ख में धर्म से विमुख नहीं होते, वे हर हाल में प्रसन्न रहते हैं

रतलाम। जो मानव सुख व दु:ख में धर्म से विमुख नहीं होते, वे हर हाल में प्रसन्न रहते हैं। इससे आने वाले उपसर्ग कष्ट और संकट स्वत: ही दूर हो जाते हैं। यह बात डॉ. सिद्ध रत्न विजय ने कही। वे श्री शंखेश्वर पाश्र्वनाथ धाम पर चल रहे पावनीय चातुर्मास महोत्सव के तहत धर्मसभा को संबोधित कर रहे थे। तारकरत्नविजय मसा द्वारा करवाई जा रही आत्मभावना प्रार्थना जनसमुदाय प्रतिदिन कर रहे है। इस मौके पर उपधान तप आराधक नित्य धार्मिक क्रियाएं कर कठोर तपस्या में लीन हैं।

श्री शंखेश्वर पाश्र्वनाथ धाम प्रचार सचिव प्रफुल जैन ने बताया कि सर्वप्रथम संघवी दीपचंद्र परिवार पुना द्वारा दादा गुरुदेव व पुण्य सम्राट की आरती उतारी गई। संघवी वालीबाई सागरमल छाजेड़ परिवार पारा व कटारिया संघवी बाबुलालजी द्वारा प्रभावना वितरित की गई। शनिवार को श्रीराजेन्द्रसूरि जैन कीर्ति मंदिर तीर्थ, भरतपुर ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल कटारिया, पुना श्रीसंघ अध्यक्ष दीपचन्द्र संघवी, भागचंद आहोर, भंवरलाल चोराऊ ने गच्छाधिपति व साधु साध्वी भगवंत का आशीर्वाद लिया। सभी लाभार्थियों व अतिथियों का पारसमल धींग परिवार राकोदा द्वारा बहुमान किया गया। संचालन चातुर्मास प्रभारी राकेश जैन ने किया।

पंचाह्निका महोत्सव प्रारंभ हुआ
गच्छाधिपति की निश्रा में पाँच दिवसीय पचांह्निका महोत्सव प्रारम्भ हुआ। प्रथम दिन नगर के श्री आदिनाथ जैन श्वेताम्बर मंदिर झंडा चौक पर नवयुवक परिषद द्वारा विधि विधान से श्री आदिनाथ भगवान की महापूजा करवाई गई ,साथ ही नित्य धार्मिक अनुष्ठान हुए। जिसमें महिलाएं व परिषद परिवार उपस्थित था।