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देखे, कही आपका सिलेंडर एक्सपायर तो नहीं

इससे अनजान उपभोक्ता को इस बारे में पता तब चलता हैं, जब दुर्घटना हो गई होती हैं।

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vikram ahirwar

Apr 16, 2016

Ratlam HIndi Gas News

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रतलाम। गर्मी बढऩे के साथ ही सिलेंडर लीकेज होने, आग लगने सहित विभिन्न तरह की गैसे से जुड़ी दुर्घटनाओं में वृद्धि होती हैं। इसके पीछे एक बड़ा कारण एक्सपायर हो गए सिलेंडर का वितरण करना भी होता हैं। हालाकि इससे अनजान उपभोक्ता को इस बारे में पता तब चलता हैं, जब दुर्घटना हो गई होती हैं। एेसे में यह जरूरी हैं कि गर्मी में सिलेंडर घर में लेने से पहले बेहतर तरीके से यह जान ले की कहीं आपके यहां एक्सपायर सिलेंडर तो नहीं आ रहा हैं।

एेसे पहचानें कि सिलेंडर एक्सपायर हो चुका है

हर सिलेंडर में रेग्युलेटर के पास तीन पट्टी होती हैं। इनमें से किसी एक में अंग्रेजी के अक्षर ए, बी, सी या डी और नंबर लिखे होते हैं। बस आपको यही जांचने की जरूरत है।


इन कोर्ड वर्ड से कैसे पहचानें

पेट्रोलियम कंपनियों ने साल के महीनों को चार रुप में बांटा है।

ए-जनवरी, फरवरी, मार्च

बी-अप्रैल, मई, जून

सी-जुलाई, अगस्त, सितंबर

डी-अक्टूबर, नवंबर,दिसंबर

यदि सिलेंडर की पट्टी पर बी-16 लिखा है तो इसका मतलब यह है कि इस सिलेंडर का इस्तेमाल अप्रैल से जून 2016 तक ही कर सकते हैं। इसके बाद इस्तेमाल करना खतरनाक साबित हो सकता है।


एक्सपायर सिलेंडर से यह खतरा होता है

लीकेज का खतरा ज्यादा। घर के किचन, होटल या शादी समारोह में धमाके की आशंका ज्यादा। डिलेवरी वाहनों में रास्ते में भी हादसे का खतरा। गोदाम में एक्सपायर सिलेंडर फटने से उसके साथ रखे अन्य सिलेंडरों में विस्फोट से भयावह हादसा।


घर में आ जाए तो यह करे

अव्वल तो सिलेंडर चैक करके आपको पता चल जाएगा कि सिलेंडर इस्तेमाल करने लायक है या नहीं। अगर एक्सपायर हो चुका है तो तुरंत गैस एजेंसी को सूचना देकर सिलेंडर बदलवा सकते हैं। यदि सिलेंडर नहीं बदला जाता है तो खाद्य अधिकारी या प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायत करें। सेवा में कमी मानते हुए गैस एजेंसी या कंपनी के विरुद्घ एपभोक्ता फोरम में भी मामला दायर कर सकते हैं।


यह करे उपाय बचाव के लिए

-नया सिलेंडर लेने पर कंपनी सील की जांच कर लें। गैस का प्रयोग न करने पर और रात को सोने से पहले रेगुलेटर नॉब को ऑफ कर दें।

-सिलेंडर को ज्वलनशील पदार्थ जैसे केरोसिन इत्यादि से दूर रखें। रसोई में रबर, जूट, चटाई जैसे जल्दी आग पकडऩे वाली चीजे न रखें।

-गैस लीक हो रही हो तो सभी दरवाजे और खिड़कियां खोल दें। बिजली के स्विच चालू न करें। अगर अगरबत्ती वगैरह जल रही हो तो तुरंत बुझा दें। रेगुलेटर बंद कर दें। सेफ्टी कैप को लगा दें।

-सम्बंधित गैस एजेंसी या इमरजेंसी नंबर 18002333555 या 1906 पर सूचित करें

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-अमित अग्रवाल, गैस एजेंसी संचालक

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