
मंदसौर।मध्य प्रदेश के 51 जिलों और रेलवे में तैनात पुलिस अधीक्षक को पछाड़कर मंदसौर के एसपी मनोज कुमार सिंह ने पूरे में प्रदेश में नंबर वन का तमगा हासिल किया है। राज्य के डीजीपी ऋषि कुमार शुक्ला ने एक पत्र जारी कर उनको शबासी दी है। पन्ना को दूसरा नंबर तो धार के पुलिस अधीक्षक ने प्रदेश में तीसरी रैंक हासिल की है। डीजीपी ने कानून व्यवस्था को पैमान मानकर पूरे प्रदेश के पुलिस अधीक्षकों के तीन महीने के कामकाज के आंकलन के आधार पर रैंकिंग जारी की, जिसमें मनोज सिंह को नंबर वन बताया गया है। इस उपलब्धि पर जिले पुलिसकर्मियों में जबरदस्त उत्साह है। छह जून को जब मंदसौर में किसानों पर पुलिस की गोलियां चली थी, तब ताबड़तोड़ नीमच में पदस्थ मनोजसिंह को मंदसौर में तबादल कर कानून व्यवस्था संभालने भेजा था। सिंह ने अपनी सुझबुझ से न सिर्फ मंदसौर बल्कि प्रदेश को जलने से बचा लिया था। ये उसी सुझबुझ का परिणाम है कि अब ये प्रदेश में नंबर वन सुपरकॉप बन गए है।
ये हुआ था जून माह में
असल में किसान नेता व रतलाम जिला पंचायत उपाध्यक्ष डीपी धाकड के नेतृत्व में किसानों ने उपज के दाम नहीं मिलने पर नाराज होकर डेलनपुर रोड पर आंदोलन की शुरुआत की। इस दौरान पुलिस के वाहन में आग लगा दी गई व जमकर पथराव हुआ। जब ये घटना हुई तो उसके एक-दो दिन बाद इस आंदोलन की आग पड़ोसी राज्य मंदसौर में भी पहुंच गई। यहां पुलिस व कि सान आमने-सामने हुए थे। इसके बाद गोलियां चली व करीब 6 किसान मारे गए। इसके बाद देशभर की मीडिया से लेकर विपक्ष के नेताओं का ध्यान मंदसौर की तरफ गया।
सुबह तबादला, दिन में काम शुरू
तब गोलियां चलने के बाद किसानों की आंख में पुलिस के प्रति भारी रोष था। वर्दी देखकर एक तरफ भय तो दुसरी तरफ गुस्सा। ऐसे में 7 जून की सुबह सरकार ने नीमच में पदस्थ एसपी मनोजसिंह को मंदसौर तबादला किया। सिंह के सामने बड़ी चुनौती कानून व्यवस्था संभालने की थी। इसके साथ-साथ किसानों के मन में पुलिस के प्रति जो गुस्सा था, उसको कम करना भी एक बड़ी समस्या थी। तब सिंह अनेक गांव में गए व किसानों से सीधे मिले।
ये पर्वा न की क्या होगा
तब एसपी मनोजसिंह ने ये पर्वा न की, नाराज किसान उन पर हमला कर सकते है। एसपी सिंह ने किसानों को कहा, जो हुआ वह एक गलतफहमी में हुआ। सरकार जांच निष्पक्ष करेगी। लेकिन पहले शांति जरूरी है। किसान पुलिस पर भरोसा करे। कुछ जादु था, या कहने का शालिन तरीका, लेकिन किसानों ने फिर से पुलिस पर भरोसा करना शुरू किया। इसके बाद भले राज्य में ये आंदोलन आगे थोड़ा चला, लेकिन मंदसौर में शांति कायम हो गई। ये एक बड़ा कारण है, जो इनको राज्य में सुपरकॉप में नंबर वन बना गया।
इस आधार पर हुआ मूल्याकंन
डीजीपी ऋषि कुमार शुक्ला ने जो पत्र जारी किया, उसमे इस बात का उल्लेख है कि ये नंबर अपराध, कानून व्यवस्था, प्रशिक्षण, शिकायत, में वैज्ञानिक मापदंड देखे गए। बताया जाता है, इन सब के साथ-साथ जो एक बड़ा कारण रहा, वह किसान आंदोलन के दौरान जल रहे मंदसौर में जो शांति कायम की, वही नंबर वन सिंह को बना गया।
Published on:
23 Dec 2017 02:43 pm

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