रतलाम। किसी भी प्रकार की पूजन में फूल का विशेष महत्व है। फूल न सिर्फ इंसान को बल्कि देवता से लेकर भगवान तक को पसंद होते है। असल में फूल किसी भी प्रकार की पूजन में सामग्री का एक महत्वपूर्ण भाग होता है। ज्योतिषी ओशोप्रिया के अनुसार श्रद्धा से भगवान को चाहे जो अर्पण करे, लेकिन किसी विशेष मनोकामना के दौरान अगर देवता या भगवान को उनकी पसंद का फूल चढ़ाया जाए तो वे अतिरिक्त प्रसन्न होते है। अलग-अलग मनोकामना के लिए अलग-अलग देवता को तरह-तरह के फूल चढ़ाए जाते है। किसी भी पूजन में श्रीफल चढ़ाने से देवता अतिरिक्त प्रसन्न होते है।
इस तरह जाने फूलों का महत्व
भगवान श्री गणपति को
किसी भी पूजन की शुरुआत मंगलमुर्ति से होती है। श्री गणपति की मुर्ति अगर अकेली हैं तो उनको सफेद रंग के फूल चढ़ते है, लेकिन अगर वे रिद्धी व सिद्धी के साथ है तो उनको सिर्फ लाल रंग के फूल पूजन में चढ़ते है। इस बात का विशेष ध्यान रखे की गणपति या शिव परिवार की पूजन में तुलसी का प्रयोग वर्जित है। इनको दुर्वा चढ़ाने से यह जल्दी प्रसन्न होते है।
महादेव को है यह पसंद
देवादीदेव महादेव को सफेद रंग सबसे अधिक पसंद है। वे अपनी पूजन में इस रंग
के फूल ही पसंद करते है। इसके अलावा कनेर, पलाश के अलावा धतुरा व बेलपत्र
भी महादेव की पूजन में चढ़ता है। महादेवी या पार्वती जी को भी महादेव की
तरह सफेद रंग के फूल पसंद है।
लक्ष्मीपतिभगवान विष्णु
लक्ष्मीपति भगवान विष्णु को कमल का फूल बेहद पसंद है। इसके अलावा इनको गुलाबी रंग का कमल भी पसंद है। विष्णु व लक्ष्मी की पूजन में तुलसी को चढ़ाने पर वे अतिरिक्त प्रसन्न होते है। इनके अलावा जूही, केवड़ा व मालती के फूल भी नारायण को पसंद है।
मां लक्ष्मी को पसंद है यह
दुनिया जिनके लिए सुबह से शाम कर्म करती है उन मां लक्ष्मी को कमल का फूल बेहद पसंद है। सफेद रंग का कमल व इसके अलावा कमल गट्टा को इनकी पूजन में चढ़ाया जाता है। इसके अलावा देशी गुलाब या गुलाबी रंग का गुलाब इनकी पसंद है।
मां दूर्गा की पूजन में होता यह फूल
मां दूर्गा की पूजन में गुडहल का फूल विशेष रुप से चढ़ाया जाता है। इनको कमल, मोगरा, बेलपत्र के अलावा मेहंदी भी चढ़ाई जाती है।
हनुमान जी को यह पसंद है
मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के परम भक्त हनुमान को चमेली का फूल विशेष रुप से पसंद है। इनकी पूजन में चमेली का इत्र, चमेली के इत्र का दीपक,आदि चढ़ाया व लगाया जाता है। कुछ लोग तेजी से मनोकामना पूर्ण कराने के लिए सरसो के तेल का दीपक लगाने का भी कहते है।
सुदर्शन चक्रधारी को है यह पसंद
सुदर्शन चक्रधारी भगवान श्री कृष्ण को अपनी पूजन में तुलसी विशेष रुप से पसंद है। इसके अलावा नीला कमल भी भगवान श्री कृष्ण की पूजन में चढ़ाया जाता है। इसके अलावा वे पूजन में माखन विशेष रुप से पसंद करते है।
भैरव व भैरवी
भैरव व भैरवी की पूजन में काले तील, काले उड़द के अलावा कद्दू विशेष रुप से चढ़ता है। भैरव को दूध व शहद भी पूजन में चढ़ाया जाता है।