
रतलाम। देश के विभिन्न कोनों में हो रही मानव विशेषकर बच्चों की तस्करी रोकने के लिए रेलवे ने कडे़ कदम उठाना शुरू किए है। रेल से बच्चों की तस्करी न हो इसके लिए रेलवे बोर्ड ने चलती ट्रेन व प्लेटफॉर्म पर इसके लिए टीटीई को सजग रहने को कहा है। इसके लिए रेलवे ने सीयूजी के लिए मिलने वाली राशि को इस वर्ग के लिए स्वीकृत कर दिया है। मंडल में इसके लिए वाणिज्य विभाग विशेष अभियान चलाने की योजना पर काम करने जा रहा है।
रेलवे बोर्ड की पैसेंजर मामलों की निदेशक शैली श्रीवास्ताव ने इसके लिए २१ नवंबर को देशभर के जोनल महाप्रबंधक को सूचना जारी की है। इसमें इस बात का उल्लेख किया गया है कि ट्रेन में काम करने वाले टीटीई को अब तक सीयूजी की सुविधा नहीं दी गई है, जबकि उनका सीधा संबध ट्रेन में होने वाली हर प्रकार की गतिविधि से होता है।
कड़ी नजर रखे
इसमें ट्रेन दुर्घटना से लेकर बीमारी में मदद करना, आपात हालात से निपटना, पैसेंजर को जरुरत पर सुविधा उपलब्ध कराना, आदि होता है। इस समय देश में एक बड़ी समस्या बच्चों की तस्करी विशेषकर छोटी बच्चियों की तस्करी की सामने आई है। एेसे में अब टीटीई की ये दोहरी जिम्मेदारी है कि वे ट्रेन में टिकट जांच के साथ-साथ यात्रियों के लिए जो सुविधा का ध्यान रखते है, उसमें इस प्रकार की तस्करी पर विशेष कड़ी नजर रखे।
मंडल में दो बार हुए बडे़ मामले
मंडल में छोटे बच्चों या मानव तस्करी की बात करें तो दो बार एेसे मामले सामने आए। इनमे एक बार मंडल मुख्यालय पर तो एक बार इंदौर में बड़ी तादात में छोटे बच्चों को गुमराह करके अन्यत्र कही ले जाते हुए रेल पुलिस ने पकड़ा था। इसके बाद अब टीटीई की ये जवाबदेही बढ़ गई है कि वे एेसे मामलों पर विशेष नजर रखे।
मंडल में चलेगा अभियान
मंडल में रेलवे बोर्ड के निर्देशों के अनुरुप विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए टीटीई को विशेष सतर्कता के निर्देश जारी किए जा रहे है। सीयूजी का लाभ मिलने के बाद उनको ओर आसानी रहेगी की वे बेहतर काम करके दिखा सके।
- विपुल कुमार सिंघल, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, रतलाम रेल मंडल
Published on:
23 Nov 2017 10:38 am
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