
ratlam
रतलाम।व्यापमं iारा आयोजित वनरक्षक भर्ती
परीक्षा में शामिल एक अभ्यर्थी का फोटो आईडी से नहीं मिलने पर आब्र्जवर टीम ने उसे
रविवार को पुलिस के हवाले कर दिया था। पुलिस iारा की गई प्राथमिक पूछताछ के बाद
युवक ने बताया कि वह एक लाख 20 हजार रूपए के लालच में अन्य युवक की परीक्षा देने
रतलाम आया था। पुलिस ने युवक को जांच के बाद सोमवार देर शाम धोखाधड़ी में गिरफ्तार
कर लिया है।
थाना प्रभारी राजेश सिंह चौहान ने बताया कि शासकीय वाणिज्य
कॉलेज की प्राचार्य लक्ष्मीदत्ता ने लिखित में शिकायत दी थी कि स्वामी विवेकानंद
शासकीय वाणिज्य महाविद्यालय रतलाम में 16 अगस्त को व्यापमं iारा वनरक्षक भर्ती
परिक्षा में शामिल होने आए उम्मीदवार मथुरा निवासी संजीव कुमार पिता फकीर चंद भर्ती
फार्म में चस्पा दोनों फोटा एवं वोटर आईडी से पर चस्पा फोटो का मिलान नहीं हो रहा
है। इसके बाद पुलिस ने युवक से रविवार को पूछताछ की तो उसने सच्चाई उगल दी।
सवा लाख के लालच में आया परीक्षा देने
थाना प्रभारी चौहान
ने बताया कि मथुरा निवासी संजीव कुमार के स्थान पर भरतपुर निवासी वीरेंद्र चौधरी
परीक्षा देने आया था। जिसे सभी संजीव समझ रहे थे, वह असलीयत में वीरेंद्र है। जिसने
पूछताछ में बताया है कि वह दिल्ली में एसएससी की तैयारी कर रहे हैं। उसके साथ मथुरा
निवासी कुशल चौधरी भी कोचिंग करता है। जिससे उनकी जान पहचान थी। कुशल ने वीरेंद्र
को लालच दिया था कि अगर वह संजीव कुमार के स्थान पर रतलाम में वनरक्षक भर्ती
परीक्षा दे आएगा और वह पास हो गया तो उसे एक लाख बीस हजार रूपए देगा।
उसकी
फोन पर संजीव से बात कराई थी। कुशल ने ही प्रवेश पत्र और आईडी उसे सौंपकर रतलाम
परीक्षा देने भेजा था। फॉर्म और वोटर आईडी पर फोटो मिलान नहीं होने के कारण वह
पकड़े गया। अब पुलिस दल मंगलवार को मथुरा मामले की आगे की जांच के लिए रवाना होगा।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी वीरेंद्र को धारा 420 व 4 मध्यप्रदेश परीक्षा अधिनियम में
गिरफ्तार कर लिया है।
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