
हिमखंड A23a खत्म होने की कगार पर (प्रतीकात्मक तस्वीर)
पृथ्वी के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र में स्थित अंटार्कटिका लंबे समय से विशाल हिमखंडों के लिए जाना जाता है। यहां से टूटने वाले हिमखंड समुद्री धाराओं के सहारे वर्षों तक भटकते रहते हैं। ऐसा ही एक हिमखंड A23a है जो पिछले चार दशकों से समुद्र में यात्रा कर रहा है। A23a दुनिया का सबसा बड़ा हिमखंड माना जाता है, लेकिन अब शायद जल्द ही यह खत्म होने जा रहा है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (NASA) की नई सैटेलाइट तस्वीरों से संकेत मिले हैं कि यह विशाल हिमखंड तेजी से पिघल रहा है और जल्द ही पूरी तरह समाप्त हो सकता है।
A23a हिमखंड वर्ष 1986 में अंटार्कटिका की फिल्चनर रोने आइस शीट से अलग हुआ था। उस समय इसका आकार न्यूयॉर्क सिटी से करीब तीन गुना बड़ा था। इसे 'क्वीन ऑफ आइसबर्ग्स' भी कहा जाता है। आइस शीट से अलग होने के बाद यह कई वर्षों तक समुद्र तल में फंसा रहा और 2020 तक लगभग स्थिर स्थिति में रहा। इसके बाद यह दोबारा बहने लगा और अंटार्कटिका से दूर अटलांटिक महासागर की ओर बढ़ता चला गया। रास्ते में यह कभी समुद्री भंवर में फंसा, तो कभी एक ही जगह घूमता रहा। दिसंबर 2024 में यह भंवर से बाहर निकला, लेकिन तब तक इसका आकार और संरचना कमजोर हो चुकी थी।
NASA के टेरा सैटेलाइट से 26 दिसंबर को ली गई तस्वीरों में A23a पूरी तरह बदला हुआ नजर आया। इसकी सतह पर नीले रंग का पानी जमा दिखा, जिसे वैज्ञानिक भाषा में ब्लू मश कहा जाता हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ कोलोराडो बोल्डर के वैज्ञानिकों के अनुसार यह स्थिति तब बनती है जब बर्फ अपनी संरचनात्मक मजबूती खो देती है। सतह पर पिघले पानी की झीलें बन जाती हैं, जो दरारों को और चौड़ा कर देती हैं। तस्वीरों में सफेद किनारे, जिन्हें रैंपार्ट्स कहा जाता है, और ग्रे रंग का आइस मेलांज भी दिखाई दिया, जो इसके नीचे से निकलकर आसपास फैल गया है।
2025 की शुरुआत में A23a के साउथ जॉर्जिया द्वीप से टकराने की आशंका जताई गई थी। हालांकि, सौभाग्य से यह द्वीप तक पहुंचने से पहले ही टूटने लगा। वैज्ञानिकों का मानना है कि गर्म अटलांटिक जल में प्रवेश करने के कारण इसका तेजी से आकार कम हुआ है। इसके किनारों से सैकड़ों छोटे हिमखंड अलग हो चुके हैं, जो समुद्री जीवन और जहाजरानी के लिए खतरा बन सकते हैं। विशेषज्ञ इसे जलवायु परिवर्तन का एक बड़ा संकेत मान रहे हैं, क्योंकि ऐसे विशाल हिमखंडों का तेजी से पिघलना समुद्र स्तर और वैश्विक मौसम चक्र को प्रभावित कर सकता है।
Published on:
19 Jan 2026 04:39 pm

बड़ी खबरें
View Allविदेश
ट्रेंडिंग
