मध्यप्रदेश के रतलाम में मप्र मानव अधिकार आयोग के सदस्य शुक्रवार को आए। इस दौरान पति - पत्नी और वो का एक मामला पहुंचा। इस दौरान जमकर विवाद हुआ व पति का स्वास्थ्य खराब हुआ तो जिला अस्पताल में भर्ती करना पड़ा।
रतलाम. मध्यप्रदेश के रतलाम में मप्र मानव अधिकार आयोग के सदस्य शुक्रवार को आए। इस दौरान पति - पत्नी और वो का एक मामला पहुंचा। इस दौरान जमकर विवाद हुआ व पति का स्वास्थ्य खराब हुआ तो जिला अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। असल में नामली का श्यामलाल व उसकी पत्नी अपनी पैतृक जमीन के विवाद को लेकर आए थे। इस बीच एक महिला ने कहा कि वो श्यामलाल की पत्नी है। आयोग के सामने श्यामलाल ने कहा जो महिला उसकी पत्नी नहीं है, उसकी जमीन की परिवार के लोगों ने बिक्री कर दी व सुनवाई नहीं हो रही है। लंबी बहस के बाद मामला सुलझाने संयुक्त कलेक्टर अनिल भाना के पास भेज दिया गया। भाना के कमरे में करीब तीन घंटे की बहस के बीच श्यामलाल का स्वास्थ्य खराब हो गया, जहां से उसके जिला अस्पताल इलाज के लिए भेजा गया है। अन्य मामलों में आयोग ने आर्थिक मदद मंजूर की व सुनवाई की।
मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग द्वारा आयोग आपके द्वार कार्यक्रम के तहत मानव अधिकार के उल्लंघन से संबंधित मामलों की जिलास्तर पर सीधी जनसुनवाई की जाती है। इसी श्रृंखला में आयोग द्वारा आज जिला मुख्यालय रतलाम में म.प्र. मानव अधिकार आयोग में पहले से लम्बित मामलों एवं नये प्राप्त आवेदनों की जनसुनवाई की गयी। इस जनसुनवाई में मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष मनोहर ममतानी एवं सदस्य राजीव कुमार टंडन सहित आयोग में रतलाम जिले के मानवाधिकार हनन मामलों के प्रस्तुतकर्ता अधिकारी सहित आयोग के अन्य अधिकारी, कर्मचारी एवं जिलाधिकारी भी मौजूद रहे।
इसी दौरान जमीन विवाद को लेकर एक दंपति पहुचे ओर अंदर आयोग अध्यक्ष के सामने बहस होने पर उसे बाहर निकाल दिया गया। दंपत्ति का कहना है कि 10 वर्ष पहले हमारी जमीन बेच दी गयी जब से हम पटवारी ओर कलेक्टर कार्यालय के चक्कर लगा रहे है हर बार झूठ बोल दिया जाता है कि जमीन आपके हिस्से की नही है तो मुझे मेरी जमीन पर कब्जा दिलाया जाए। दोनों पति पत्नी को दूसरे अधिकारी के कमरे बैठाया गया समझाइश दी गयी उसी दौरान बुजुर्ग की तबियत बिगड़ गयी तुरंत उसे जिला चिकित्सालय पहुचाया गया जहां वह इलाजरत है।