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#Ratlam में कम्युनिटी पुलिसिंग : पुलिस ने ग्रामीणों से संवाद कर जानी समस्याएं

जनसंवाद में ग्रामीणों से चर्चा करते हुए प्रशिक्षु डीएसपी अनिषा जैन

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जनसंवाद में ग्रामीणों से चर्चा करते हुए प्रशिक्षु डीएसपी अनिषा जैन


रतलाम. कम्युनिटी पुलिसिंग के तहत शिवगढ़ थाने की पुलिस ने राजापुरा माताजी में ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याओं को जाना और पुलिस की तरफ से सायबर अपराध, महिला अपराध, सामाजिक कुरीतियों की जानकारी दी। थाने की प्रशिक्षु डीएसपी व शिवगढ़ थाना प्रभारी अनिषा जैन ने ग्रामीणों से आह्वान किया कि वे कुरीतियों को समाप्त करने के लिए समाज में जागरुकता फैलाएं।

जनसंवाद में ग्राम के सरपंच, पंचगण, गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। इस दौरान थाना प्रभारी जैन ने ग्रामीणों से नवीन कानून की भी जानकारी दी। साथ ही नाबालिगों के वाहन चलाने से होने वाले दुष्परिणाम, सडक़ दुर्घटनाओं में हो रही वृद्धि, शादी-विवाह के दौरान तेज आवाज में डीजे बजाने से उत्पन्न समस्याओं पर चर्चा करते हुए ग्रामीणों को इन बुराइयों से दूर रहने एवं सतर्कता बरतने की समझाइश दी गई।

यह है जनसंवाद का उद्देश्य

थाना प्रभारी जैन ने बताया जनसंवाद का उद्देश्य पुलिस एवं आमजन के बीच विश्वास, सहयोग एवं संवाद को मजबूत करना है, जिससे समाज में शांति, सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके। पुलिस द्वारा सभी थाना क्षेत्रों में इस प्रकार के जनसंवाद कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जा रहे हैं।

समझे कम्युनिटी पुलिसिंग क्या होती है

कम्युनिटी पुलिसिंग (सामुदायिक पुलिसिंग) एक ऐसा दृष्टिकोण है जहां पुलिस और समुदाय मिलकर काम करते हैं। साझेदारी बनाते हैं और समस्याओं को हल करने के लिए मिलकर प्रयास करते हैं, ताकि अपराध और सामाजिक अव्यवस्था के मूल कारणों को संबोधित किया जा सके और विश्वास व सुरक्षा बढ़ाई जा सके; यह केवल प्रतिक्रिया देने के बजाय सक्रिय रूप से जुड़ाव, संवाद और रोकथाम पर जोर देती है।

इस तरह काम करती है कम्युनिटी पुलिसिंग

पैदल गश्त और बातचीत: अधिकारी अपनी कारों से बाहर निकलकर लोगों से मिलते हैं और उनके मुद्दों को सुनते हैं।

सामुदायिक आउटरीच : पुलिस जागरूकता कार्यक्रम, सेमिनार आयोजित करती है और नागरिकों को नीतिगत मुद्दों पर अपनी राय देने के लिए आमंत्रित करती है।

समस्या-खोज: किसी समस्या के होने का इंतजार करने के बजाय, पुलिस अधिकारियों को संभावित समस्याओं का पूर्वानुमान लगाने और उन्हें रोकने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है।

यह होते है कम्युनिटी पुलिसिंग से लाभ

अपराध और अव्यवस्था में कमी आती है।

पुलिस और जनता के बीच भरोसा बढ़ता है।

जनता को लगता है कि पुलिस उनकी चिंताओं को समझती है और उनका सम्मान करती है।

सार्वजनिक सुरक्षा बेहतर होती है क्योंकि पुलिस और नागरिक एक-दूसरे के सहयोगी बन जाते है।