
Watch video : If there is no price, angry farmers burn their own crop
रतलाम. लहसुन का बंपर उत्पादन करने वाले किसान अब लहसुन के गिरे हुए दामों से परेशान हैं। कृषि मंडियों में अपनी उपज लेकर पहुंचे किसानों को लहसुन के दाम नहीं मिल पा रहे हैं। सैलाना में किसानों ने दाम कम मिलने पर लहसुन में आग लगा दी और विरोध प्रदर्शन करते हुए मंडी सचिव केके नरगावे को ज्ञापन दिया। शुक्रवार से मंडी गेट पर किसानों के आने पर रोक लगाने की मांग की गई, नहीं तो बड़ा आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी गई है।
रतलाम. लहसुन का बंपर उत्पादन करने वाले किसान अब लहसुन के गिरे हुए दामों से परेशान हैं। कृषि मंडियों में अपनी उपज लेकर पहुंचे किसानों को लहसुन के दाम नहीं मिल पा रहे हैं। सैलाना में किसानों ने दाम कम मिलने पर लहसुन में आग लगा दी और विरोध प्रदर्शन करते हुए मंडी सचिव केके नरगावे को ज्ञापन दिया। मंडी गेट पर किसानों के आने पर रोक लगाने की मांग की गई, नहीं तो बड़ा आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी गई है।
लागत भी नहीं निकल पा रही
जिले की प्रमुख कृषि उपज मंडियों में लहसुन की कीमत न्यूनतम 200 रुपये क्विंटल से अधिकतम 2000 रुपए प्रति क्विंटल तक मिल रही है। ऐसे में किसानों की लागत भी नहीं निकल पा रही। यही वजह है कि कई किसान अपनी लहसुन की फसल फेंकने को मजबूर हो गए हैं। लहसुन के दामों में अप्रैल महीने से ही गिरावट दर्ज की जा रही है। लंबे समय तक अपनी फसल रोककर दाम बढऩे का इंतजार कर रहे हैं किसानों का सब्र टूट रहा है और मंडी में दाम नहीं मिलने से किसान परेशान है।
अधिक रकबा में बोअनी बन रही परेशानी
सैलाना सहित जिले में बड़े रकबे में किसानों ने लहसुन की बुवाई की है। इससे कृषि उपज मंडियों में लहसुन की बंपर आवक इन दिनों हो रही है। किसानों के अनुसार महंगे बीज, खाद, दवाई सिंचाई की व्यवस्था के बाद महंगे मजदूरों से लहसुन की हारवेस्टिंग करवाई। जिसके बाद दाम बढऩे के इंतजार में किसानों ने भंडारण भी किया। लेकिन अब लहसुन के दाम नहीं मिलने से किसानों की लागत तो दूर मजदूरी भी नहीं निकल पा रही है।
लागत अधिक, आय कम
कृषकों का कहना है कि एक बीघा में 20 से 22 हजार रुपए से अधिक तक का खर्च हो रहा है, लेकिन लहसुन के दाम कम मिलने की वजह से किसानों की लागत भी नहीं निकल पा रही है। रतलाम लहसुन प्याज मंडी में आज लहसुन का न्यूनतम दाम 300 प्रति क्विंटल तो सैलाना में 200 रुपए प्रति क्विंटल न्यूनतम और अधिकतम दाम 2000 प्रति क्विंटल रहा। फसल का दाम नहीं मिलने पर किसान अपनी फसल को बेचे बिना वापस अपने घर लेकर जा रहे हैं। तो कुछ किसान बारिश में भीग चुकी फसल को रास्ते में ही फेंक रहे हैं।
यह किया किसानों ने
गुरुवार को लगातार दाम कम मिलने से परेशान किसानों ने पहले रैली निकाली और इसके बाद गुस्से में अपनी ही उपज में आग लगा दी। नाराज किसानों ने लहसुन और प्याज में आग लगाई। इसके बाद मंडी सचिव को ज्ञापन दिया।
Published on:
19 Aug 2022 02:27 pm

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