रतलाम में हुई राष्ट्रीय बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता के बाद महापौर से लेकर विधायक पर कई आरोप लगे। महापौर ने तो वीडियो जारी कर विरोधियों को जवाब दिया था, लेकिन रतलाम विधायक ने जो किया, उसके बाद उनके विरोधी चारो खाने चीत हो गए है व फिलहाल जवाब नहीं सुझ रहा है।
रतलाम. रतलाम में हुई राष्ट्रीय बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता के बाद महापौर से लेकर विधायक पर कई आरोप लगे। महापौर ने तो वीडियो जारी कर विरोधियों को जवाब दिया था, लेकिन रतलाम विधायक ने जो किया, उसके बाद उनके विरोधी चारो खाने चीत हो गए है व फिलहाल जवाब नहीं सुझ रहा है।
असल में रतलाम में राष्ट्रीय बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता का आयोजन हुआ था। इस प्रतियोगिता में भगवान की प्रतिमा को लेकर विवाद कांग्रेस ने खड़ा कर दिया था। कांग्रेस को प्रतियोगिता में भगवान की प्रतिमा पर विरोध था। इसके बाद रतलाम में महापौर प्रहलाद पटेल का पुतला जलाया गया था। ये मामला राष्ट्रीय स्तर पर सुखियां बटोर लिया था। पूरे मामले में रतलाम के महापौर प्रहलाद पटेल ने तगड़ा जवाब अपने विरोधियों को दिया था। देखें महापौर के जवाब का वीडियो...
विधायक ने मौन के आरोप पर दिया ये जवाब
पूरे मामले में रतलाम शहर विधायक चेतन्य काश्यप पर मौन रहने के आरोप लगे थे। विधायक ने अपने काम से विरोधियों को तगड़ा जवाब दे दिया है। असल में विधायक चेतन्य काश्यप ने रतलाम के मेडिकल कॉलेज के लिए 16.63 करोड़ रुपए की एक ऐसी योजना की मंजूरी दिलवादी है, जिससे सिर्फ रतलाम ही नहीं, बल्कि आसपास के कई जिलों के लोगों को लाभ होगा।
क्रिटिकल केयर यूनिट, 16.63 करोड़ मंजूर
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने रतलाम के मेडिकल कॉलेज में बनने वाली क्रिटिकल केयर यूनिट के लिए 16.63 करोड़ रुपए की राशि मंजूर कर दी है। यूनिट निर्माण के लिए 20 मार्च को टेंडर जारी किए जाएंगे। इस यूनिट में 50 बेड रहेंगे व मरीजों को बड़ा लाभ होगा। । मेडिकल कॉलेज परिसर में 16 करोड़ की लागत से क्रिटिकल केयर यूनिट तैयार की जाएगी। इसमें 50 बिस्तर का अस्पताल भी होगा। इस माह इसके निर्माण के लिए टेंडर जारी हो जाएंगे। 16.63 करोड़ की लागत से बिल्डिंग तो तैयार होगी ही इसके साथ - साथ इसके लिए शासन ने राशि जारी कर दी है। बाकी 10 करोड़ से गंभीर बीमारियों के इलाज में काम आने वाली मशीनें खरीदी जाएंगी। यदि सब कुछ ठीक रहा तो साल 2023 के अंत तक इसके शुरू होने की संभावना है। इसके निर्माण का कार्य मप्र भवन विकास निगम लिमिटेड करेगा। इसके व्यय की राशि प्रधानमंत्री आयुष्यमान भारत हेल्थ इंफ्राक्ट्रक्चर मिशन की योजना से लिया जाएगा। इस मामले में अधिकृत आदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक प्रियंका दास ने जारी कर दिए है।
रैफर होना होंगे बंद मरीज
वर्तमान में मेडिकल कॉलेज के पास स्वयं का अस्पताल है। कॉलेज के पास स्वयं के क्रिटिकल यूनिट नहीं है। ऐसे में गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को ठीक से इलाज नहीं हो पाता। मरीज इंदौर या बड़ोदरा जाने के लिए मजबूर हैं। क्रिटिकल केयर यूनिट शुरू हो जाने से रैफर मरीजों की संख्या में काफी गिरावट होगी। रतलाम के अलावा मंदसौर, नीमच, झाबुआ के मरीजों को भी लाभ होगा। यूनिट में सिर्फ नॉन एक्सीडेंटल केस ही लिए जाएंगे। क्रिटिकल केयर अस्पताल खुलने से गैस्ट्रो, नेफ्रो, यूरोलॉजी, सर्पदंश सहित अन्य गंभीर रोगों का इलाज हो सकेगा। इसमें विशेषज्ञ चिकित्सकों और सर्जरी की सुविधा भी उपलब्ध होगी, जबकि एक्सीडेंटल केस लिए मरीजों को ट्रॉमा सेंटर में भेजा जाएगा।