10 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

जेपी इन्फ्राटेक के होम बायर्स को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, कंज्यूमर कोर्ट में कर सकेंगे अपील

JIL में निवेश करने वाले 25 हजार होमबायर्स को SC से राहत कंज्यूमर कोर्ट में फ्लैट्स के रिफंड या पजेशन की मांग कर सकेंगे निवेशक

2 min read
Google source verification

image

Saurabh Sharma

Apr 18, 2019

Supreme court

जेपी इन्फ्राटेक के होम बायर्स को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, कंज्यूमर कोर्ट में कर सकेंगे अपील

नई दिल्ली। जहां एक ओर आम्रपाली ग्रुप सुप्रीम कोर्ट के चुंगल में लगातार फंसता जा रहा है। वहीं दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट ने जेपी इन्फ्राटेक लिमिटेड ( JIL ) को बड़ा झटका दिया है। वहीं JIL में निवेश करने वाले 25 हजार होमबायर्स को राहत देते हुए कंज्यूमर कोर्ट में जाने के रास्ते खोल दिए हैं। आपको बता दें कि जेपी इन्फ्राटेक लिमिटेड के यह सभी 25 हजार होमबायर्स कंपनी के खिलाफ चल रही इन्सॉल्वेंसी प्रक्रिया के चलते अनिश्चितता झेल रहे हैं।

यह भी पढ़ेंः-अब बच्चाें के लिए खिलौने बनाएंगे मुकेश अंबानी, लंदन की इस कंपनी को खरीदने की तैयारी में रिलायंस

कंज्यूमर कोर्ट जाने का रास्ता खोला
सुप्रीम कोर्ट ने अब ग्राहकों के लिए पेरेंट कंपनी जेपी असोसिएट्स लिमिटेड ( jal ) के खिलाफ ग्राहक कंज्यूमर कोर्ट जाने का रास्ता खोल दिया है ताकि वो अपने फ्लैट्स के रिफंड या पजेशन की मांग कर सकें। न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और अजय रस्तोगी ने जेपी असोसिएट्स लिमिटेड द्वारा दायर की गई उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें जेपी असोसिएट्स लिमिटेड के खिलाफ होमबायर्स द्वारा नेशनल कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रीड्रेसल कमीशन ( NCDRC ) में दायर की गईं याचिकाओं पर रोक लगाने की मांग की गई थी। इन याचिकाओं में जेपी इन्फ्राटेक लिमिटेड के होमबायर्स ने जेपी असोसिएट्स लिमिटेड के खिलाफ कंज्यूमर कोर्ट जाने की बात कही थी।

यह भी पढ़ेंः- जेट एयरवेज को बचाने के लिए ट्वीटर पर चल रहा अभियान, ऐसे लोग कर रहे हैं सपोर्ट

सालों से कर रहे हैं अपने आशियाने का इंतजार
आपको बता दें कि जेपी के 25 हजार होम बायर्स सालों से अपने फ्लैट का इंतजार कर रहे हैं। यह सभी होम बायर्स नोएडा, ग्रेटर नोएडा, दिल्ली, गाजियाबाद के हैं। निवेश करने वालों के हजारों करोड़ रुपए फंसे हुए हैं। सुप्रीम कोर्ट इस बात को पहले ही कह चुका है कि होम बायर्स की समस्याओं का समाधान जल्द से जल्द किया जाए। इसी वजह से आम्रपाली और जेपी जैसे बड़े रियल एस्टेट कंपनियों के खिलाफ आदेश देने में गुरेज नहीं कर रही है।

Business जगत से जुड़ी Hindi News के अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें Facebook पर Like करें, Follow करें Twitter पर और पाएं बाजार, फाइनेंस, इंडस्‍ट्री, अर्थव्‍यवस्‍था, कॉर्पोरेट, म्‍युचुअल फंड के हर अपडेट के लिए Download करें patrika Hindi News App.