
नई दिल्ली। रियल एस्टेट क्षेत्र ने बैंकों की ब्याज दर में और कटौती की की जरूरत पर बल देते हुए सोमवार को कहा कि देश में 2022 तक सभी को मकान का लक्ष्य हासिल करने के लिये रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए कोई नवोन्मेषी वित्तीय समाधान तलाशा जाना चाहिये। रियल एस्टेट क्षेत्र का कहना है कि अभी तक रियल एस्टेट क्षेत्र को ब्याज दर में कटौती का कोई लाभ नहीं मिला है। इस क्षेत्र की कंपनियों का मानना है कि रिजर्व बैंक को नीतिगत ब्याज दर (रेपो) में 0.75 प्रतिशत की और कटौती करनी चाहिये और उसका लाभ रियल एस्टेट क्षेत्र तक पहुंचना चाहिये।
NAREDCO के अध्यक्ष ने दी जानकारी
आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के तत्वाधान में गठित नेशनल रियल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल (Naredco) के अध्यक्ष डा. निरंजन हीरानंदानी ने सोमवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में जमीन-जायदाद कारोबार में आड़े आ रही नकदी की समस्या को सामने रखा। Naredco समूचे रियल एस्टेट क्षेत्र की स्थिति पर विचार विमर्श के लिये आगामी 19 अगस्त को राष्ट्रीय राजधानी में 15वें वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन का भी आयोजन करने जा रहा है। जिसमें 2022 तक सभी के लिये घर के लक्ष्य को पाने के मुद्दे पर व्यापक विचार विमर्श किया जायेगा।
रिजर्व बैंक ने ब्याज दरों में की कमी
हीरानंदानी ने कहा कि रिजर्व बैंक ने रेपो दर में पिछले कुछ महीनों के दौरान 0.75 प्रतिशत तक की कटौती की है लेकिन इस कटौती का रियल एस्टेट क्षेत्र को कोई लाभ नहीं मिल पाया है। ‘‘हमारा मानना है कि दर में 0.75 प्रतिशत तक की और कटौती होनी चाहिये ताकि बैंकों की विभिन्न वित्तीय उपकरणों में अटकी पड़ी करोड़ो रुपये की राशि को उपयोग में लाया जा सके।’’ रिजर्व बैंक ने पिछली मौद्रिक नीति की समीक्षा में पिछले छह माह के दौरान रेपो दर में हर बार 0.25 प्रतिशत की कटौती कर कुल 0.75 प्रतिशत की कटौती की है।
अगले सप्ताह होगी rbi की बैठक
आपको बता दें कि इस समय रेपो दर 5.75 प्रतिशत पर है। इस दर पर केन्द्रीय बैंक वाणिज्यिक बैंकों को उनकी फौरी जरूरत के लिये नकदी उपलब्ध कराता है। अगले सप्ताह मौद्रिक नीति की द्वैमासिक समीक्षा होनी है। रियल एस्टेट क्षेत्र की शीर्ष संस्था के चेयरमैन राजीव तलवार ने इस अवसर पर कहा कि एक अनुमान के मुताबिक देश में 11 करोड़ घरों की कमी को पूरा करने के लिये 2022 तक क्षेत्र में 2,000 अरब डॉलर के निवेश की आवश्यकता होगी। ‘‘इस लिहाज से यह महत्वपूर्ण है कि सरकार को इतनी बड़ी मात्रा में वित्तपोषण उपलब्ध कराने के लिये कोई नवोनमेषी प्रणाली लानी चाहिये।’’
बजट में सरकार ने NBFC के लिए की घोषणा
उन्होंने कहा कि सरकार ने बजट में गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के नकदी संकट को दूर करने के कुछ उपायों की घोषणा की है लेकिन इसका लाभ रियल एस्टेट क्षेत्र तक पहुंचना अभी बाकी है। हालांकि, Naredco रियल एस्टेट क्षेत्र के विकास को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है और उसका मानना है कि अगले दो- तीन साल के दौरान इस क्षेत्र में 30- 35 प्रतिशत की जोरदार वृद्धि दर्ज की जायेगी। हीरानंदानी ने कहा कि देश में सस्ते आवास उपलब्ध कराने के लिये सरकार की ओर से दी जा रही विभिन्न प्रकार की सहायता के साथ ही किराये पर मकान देने की नई नीति के अमल में आने से आवासीय क्षेत्र में नई क्रांति आने वाली है। देशभर में किराये पर मकान उपलब्ध कराने की गतिविधियों के जोर पकड़ने से इस क्षेत्र में काफी तीव्र वृद्धि होगी।
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Published on:
29 Jul 2019 05:17 pm
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