रिलेशनशिप

New MarriageTrend: शादी की बात बाद में, पहले लड़कियां पहले चेक कर रहीं सिबिल स्कोर

किसी व्यक्ति की क्रेडिट योग्यता को बताता है। बेहतर स्कोर होने पर लोन और क्रेडिट कार्ड के लिए त्वरित मंजूरी मिलती है।अधिक स्कोर होने पर बेहतर डील मिलती है।

2 min read
Apr 02, 2025
Cibil score check

अजमेर. जन्मकुंडली और मेडिकल चेकअप के बाद शादी करने की कड़ी में अब सिबिल स्कोर भी शामिल हो गया है। रिश्तों अब सिबिल स्कोर नया वैवाहिक मापदंड बन रहा है। युवक-युवतियां और उनके परिजन अब शादी से पहले सिबिल स्कोर चेक कर रहे हैं। ज्यादा कर्ज अथवा कम सिबिल स्कोर पर रिश्ते से दूरी बना रहे हैं।

शादी-ब्याह के लिए जन्मकुंडली के अलावा जान-पहचान सबसे उपयुक्त माध्यम रही है। पुरोहितों से गृह-नक्षत्र के आधार पर गुण-मिलान और रिश्ता करने से पहले रिश्तेदारों-पहचान वालों से छानबीन होती है। लेकिन आर्थिक दौर में सिबिल स्कोर भी वैवाहिक मापदंडों में शामिल हो चुका है।

यह होता है सिबिल स्कोर

क्रेडिट इन्फॉर्मेशन ब्यूरो लिमिटेड की तरफ से 300 से 900 अंकों का नंबर होता है। यह किसी व्यक्ति की क्रेडिट योग्यता को बताता है। बेहतर स्कोर होने पर लोन और क्रेडिट कार्ड के लिए त्वरित मंजूरी मिलती है।अधिक स्कोर होने पर बेहतर डील मिलती है। ऋण के लिए बैंक अथवा वित्तीय संस्थानों से स्वीकृति भी आसानी से मिलती है।

रिश्तों में चेक हो रहे सिबिल स्कोर

-20 से 35 प्रतिशत युवा शादी से पहले चेक कर रहे हैं स्कोर

-15 से 20 प्रतिशत युवा कम सिबिल स्कोर पर नहीं कर रहे रिश्ता

-55 से 60 प्रतिशत युवा जीवन में चाहते आर्थिक सुदृढ़ता

-12 से 17 प्रतिशत युवक कर रहे युवतियों का सिबिल स्कोर चेक

-25 से 30 प्रतिशत युवतियां कर रहीं युवकों का सिबिल स्कोर चेक

केस.1

महाराष्ट्र के मुर्तिजापुर में पिछले दिनों एक दुल्हन ने शादी से इंकार कर दिया। दूल्हे का कमजोर सिबिल स्कोर और कर्ज ज्यादा होने के कारण यह फैसला लिया।

केस-2

कर्नाटक के मैसूरू में भी शादी से पहले युवती ने युवक का सिबिल स्कोर चेक किया। कम सिबिल स्कोर के कारण परिजन ने रिश्ता करने से मना कर दिया।

क्या रहेगा असर

अब सवाल यह है कि केवल युवतियां ही युवकों का सिबिल स्कोर चेक करती हैं, तो क्या युवक भी अब सिबिल स्कोर चेक करें। अगर यह परंपरा कायम होती है तो मध्यम आय वर्ग एवं कम आय वर्ग के युवक-युवतियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

यह भी उठ रहे सवाल

-सामाजिक ढांचे पर क्या आर्थिक दबाव बढ़़ने लगा।

-युवकों को युवती के बारे में जानने का क्यों नहीं है अधिकार।

-पाश्चात्य संस्कृति का तो नहीं हो रहा असर

-कोरोना के बाद क्या मानसिकता में बदलाव हुआ

आर्थिक मजबूती जरूरी

युवतियों का मानना है कि जीवन में आर्थिक मजबूती जरूरी है। लड़कों का शादी से पहले पढ़ाई अथवा पारिवारिक उत्तरदायित्व के चलते कर्ज लेने से वह भविष्य में असुरक्षित महसूस करती हैं। इसलिए सिबिल स्कोर चैकिंग पर जोर देती हैं। अब लड़के भी लड़कियों का सिबिल स्कोर चेक कर रहे हैं। पढ़ाई के लिए लिए जाने वाले एज्यूकेशन लोन को लेकर सिबिल स्कोर जांच रहे हैं। ताकि उन्हें लड़की का एज्यूकेशन लोन चुकाना नहीं पड़े।

आर्थिक सुदृढ़ता के लिए ही सिबिल स्कोर जांचा जाता है। युवा सुरक्षित भविष्य के प्रति सजग और सतर्क हैं। इसलिए सिबिल स्कोर भी मापदंड बना है। हालांकि यह अभी शुरुआती दौर में है, पर यह धीरे-धीरे बढ़ेगा। परिजन के साथ युवाओं को भी आर्थिक रूप से एक-दूसरे को समझने का अवसर मिलेगा।

प्रो.एल.डी.सोनी, समाजशास्त्र विभाग, एसपीसी-जीसीए

Published on:
02 Apr 2025 09:10 am
Also Read
View All
Friends With Benefits: ‘कोई नहीं मिला तो तू तो है ही…’ क्या आप भी बने है अपने दोस्त का बैकअप? जानिए क्यों खत्म हो रहा है ये ट्रेंड

जब रिश्तों में बड़े सपने सिर्फ दिखावा बन जाएं, जानिए क्या है ‘Future Faking’ डेटिंग ट्रेंड और कैसे बचें शिकार बनने से

Priyanka Gandhi Son Raihan Vadra Wedding : प्रियंका गांधी–रॉबर्ट वाड्रा के बेटे रेहान की सगाई, जानिए उनकी मंगेतर के बारे में सबकुछ

प्यार या धोखा? सर्दियों में क्यों अचानक बढ़ जाते हैं फेक रिलेशनशिप ट्रेंड, जानें ‘Snowmanning Dating Trend’ का काला सच!

Relationship Tips: “इवॉल्व होने का मतलब बेवफाई नहीं”, पंकज त्रिपाठी ने ओपन रिलेशनशिप ट्रेंड पर रखी राय

अगली खबर