
नई दिल्ली। भारत में आध्यात्म से जुड़ी ऐसी कई जगहें हैं जो कि ऐतिहासिक और धार्मिक दोनों ही दृष्टिकोण से काफी है और आज भी हम एक ऐसी ही धर्मिक जगह के बारे में आपको बताने जा रहे है। ये जगह है हरियाणा के प्रसिद्ध स्थल कुरुक्षेत्र में। जी, हां कुरुक्षेत्र में हरियाणा का एकमात्र शक्तिपीठ देवीकूप भद्रकाली शक्तिपीठ स्थित है और सिर्फ इतना ही नहीं इस जगह का खास संबंध भगवान श्रीकृष्ण और महाभारत के युद्ध से भी माना जाता है।
लोगों के बीच इस बात के मान्यता है कि देवी सती के आत्मदाह के बाद जब भगवान शिव देवी सती का देह लेकर ब्रह्मांड में घूमने लगे तो भगवान विष्णु ने देवी सती के प्रति भगवान शिव का मोह तोडऩे के उद्देश्य से अपने सुदर्शन चक्र से सती के शरीर को 52 हिस्सों में बांट दिया था और उस वक्त जिस- जिस स्थान पर देवी सती के शरीर के अंश गिरे थे, वहां-वहां शक्तिपीठ स्थापित हुए। हरियाणा के इस स्थान पर देवी सती का दायां पैर (घुटने के नीचे का भाग) गिरा था। केवल इतना ही नहीं इस जगह का संबंध सिर्फ देवी सती से ही नहीं बल्कि भगवान श्रीकृष्ण से भी माना जाता है। मान्यताओं के आधार पर हरियाणा के इसी पावन स्थान पर भगवान श्रीकृष्ण का मुंडन किया गया था और जिस वजह से इस जगह का महत्व और अधिक बढ़ गया और तो और इसी स्थान पर अर्जुन ने मां भद्रकाली से जीत की प्रार्थना की थी।
जी, हां महाभारत के युद्ध से पहले जीत के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को यहीं पर मां भद्रकाली की पूजा करने के लिए कहा था और श्रीकृष्ण के ऐसा कहने पर ही अर्जुन ने देवी की पूजा-अर्चना की और युद्ध में जीतने के बाद घोड़ा चढ़ाने का प्रण भी लिया था और तभी से यहां पर परंपरा के आधार पर लोग अपनी मन्नत पूरी होने पर सोने, चांदी व मिट्टी के बने घोड़े चढ़ाते है। ये स्थान इन्हीं कारणों से काफी प्रसिद्ध हैं।
Published on:
17 Jan 2018 05:59 pm
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