Bhutdi Amavasya 2023: Chaitra Amavasya aaj bhulkar bhi na kare ye kaam: हालांकि पत्रिका.कॉम इसकी पुष्टि नहीं करता है, लेकिन लोक मान्यताओं पर आधारित इस लेख में आप जान सकते हैं कि आज चैत्र अमावस्या के दिन आपको भूलकर भी कुछ कार्यों को नहीं करना चाहिए। चैत्र अमावस्या को भूतड़ी अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है, वहीं यह जब मंगल को पड़ती है तो भौमवती अमावस्या भी कहलाती है...
Bhutdi Amavasya 2023: Chaitra Amavasya par bhulkar bhi na kare ye kaam: धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक अमावस्या तिथि चाहे कोई भी हो अमावस्या की इन तिथियों में नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव बहुत ज्यादा रहता है। माना जाता है कि ये नकारात्मक शक्तियां मानसिक और शारीरिक तौर नुकसान पहुंचाने वाली होती हैं। ऐसे में शास्त्रों में अमावस्या के दिन कुछ कार्यों को करने की मनाही की गई है। वहीं यह भी माना जाता है कि कुछ कार्यों को करने से इस तरह की अनहोनियों से बचा जा सकता है। हालांकि पत्रिका.कॉम इसकी पुष्टि नहीं करता है, लेकिन लोक मान्यताओं पर आधारित इस लेख में आप जान सकते हैं कि आज चैत्र अमावस्या के दिन आपको भूलकर भी कुछ कार्यों को नहीं करना चाहिए। चैत्र अमावस्या को भूतड़ी अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है, वहीं यह जब मंगल को पड़ती है तो भौमवती अमावस्या भी कहलाती है...
आज न करें ये काम
- चैत्र अमावस्या के दिन सूर्योदय से पहले ही बिस्तर से उठ जाएं। इस दिन देर तक सोने से बचें।
- सूर्योदय से पहले ही स्नान आदि से निवृत्त हो जाएं।
- इस दिन किसी पवित्र नदी में स्नान करने की परंपरा है। लेकिन यदि आप ऐसा नहीं कर पा रहे हैं, तो घर में ही नहाने के पानी में गंगा जल की कुछ बूंदे डाल लें, फिर इस पानी से नहाए।
- माना जाता है कि सूर्योदय से पहले स्नान करने से पितर प्रसन्न होते हैं।
- चेत्र माह में पडऩे वाली इस अमावस्या को भूतड़ी अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। माना जाता है कि अमावस्या की इस रात में किसी भी सुनसान जगह पर नहीं जाना चाहिए। खास तौर पर रात में श्मशान या उसके आसपास जाने से भी बचना चाहिए।
- अमावस्या तिथि पर ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। गरुण पुराण के मुताबिक ऐसा न करने से जन्म लेने वाली संतान का जीवन कष्टों और संघर्षों में बीतता है।
- शास्त्रों में अमावस्या तिथि को पितरों को समर्पित तिथि माना गया है। ऐसे में परिवार वालों को खासतौर पर इस तिथि पर घर में किसी भी तरह के वाद-विवाद से दूर रहना चाहिए।
- माना जाता है कि इस दिन यदि किसी घर-परिवार में वाद-विवाद होता है तो उनके पितरों को दुख पहुंचता है। जिससे घर-परिवार पर पितरों की कृपा धीरे-धीरे समाप्त होने लग जाती है।
- माना जाता है कि अमावस्या की तिथियों पर किसी भी तरह का नशा करने से बचना चाहिए। नहीं तो पितृ दोष लगता है।
- इस दिन तामसिक भोजन नहीं करना चाहिए। माना जाता है कि ऐसा करने से पितर नाराज तो होते ही हैं, वहीं इससे आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।
- अमावस्या के दिन बाल-नाखून आदि काटने या कटवाने से बचना चाहिए। ऐसा करने से भी पितर दोष लगता है।
- इस दिन शुभ कार्यों को टालना ही बेहतर माना गया है।
- वहीं माना जाता है कि इस तिथि पर घर में ही रहें तो ज्यादा अच्छा है। इस दिन किसी भी तरह की यात्रा करने से बचना चाहिए। खासतौर पर शुभ कार्यों के लिए की जाने वाली यात्राएं इस तिथि पर नहीं करना चाहिए। बेहद जरूरी हो तो ही घर से बाहर निकलना चाहिए।
नोट- इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने और फिर दान करने से पुण्य मिलता है। पितर खुश होते हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।