Chaitra Navratri 2023: Try This Tip to please maa durga ke 108 naam: नवरात्रि के नौ दिनों में शक्ति का रूप मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा की जाती है। कहा जाता है कि नवरात्रि के दिन मां दुर्गा पृथ्वी लोक पर भ्रमण करने आती हैं और पूरे नौ दिन तक वे यहां अपने भक्तों के बुलावे पर उनके घरों में आशीर्वाद देने पहुंचती हैं। वहीं भक्त उनका आशीर्वाद पाने के लिए न जाने कितने कठोर तप और त्याग करते हैं। हालांकि पत्रिका.कॉम इसकी पुष्टि नहीं करता है। यह लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है।
Chaitra Navratri 2023: Try This Tip to please maa durga ke 108 naam: अगर आप भी चाहते हैं कि आपके जीवन के संघर्ष कम से कम हो जाएं, तो पत्रिका.कॉम के इस लेख को जरूर पढ़ें। नवरात्रि का आज दूसरा दिन है। माना जाता है कि नवरात्रि में यदि एक उपाय कर लिया जाए तो आपको जीवन भर के कष्टों और संकटों से मुक्ति मिल जाती है। नवरात्रि के नौ दिनों में शक्ति का रूप मां दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजा की जाती है। कहा जाता है कि नवरात्रि के दिन मां दुर्गा पृथ्वी लोक पर भ्रमण करने आती हैं और पूरे नौ दिन तक वे यहां अपने भक्तों के बुलावे पर उनके घरों में आशीर्वाद देने पहुंचती हैं। वहीं भक्त उनका आशीर्वाद पाने के लिए न जाने कितने कठोर तप और त्याग करते हैं। हालांकि पत्रिका.कॉम इसकी पुष्टि नहीं करता है। यह लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है।
तो नहीं मिल पाता पूजा का पूरा फल
आजकल की भागदौड़ भरी लाइफ में देखा जाता है कि लोग मां दुर्गा का विधि-विधान से पूजा-पाठ नहीं कर पाते हैं। जिससे मां की पूजा-पाठ करने पर भी पूजा का पूरा फल नहीं मिलता है। ऐसे में मां दुर्गा का आशीर्वाद पाने के लिए कुछ जरूरी उपाय बताए गए हैं। इन उपायों में से एक है मां के कई नामों का जाप। माना जाता है कि यदि आप व्यस्तता के चलते नवरात्रि के इन दिनों में मां की पूजा-अर्चना सम्पूर्ण विधि-विधान से नहीं करते हैं, तो आपको मां दुर्गा के 108 नामों का जाप करना चाहिए। माना जाता है कि इस उपाय को करने से मां दुर्गा प्रसन्न हो जाती हैं और भक्त को सुख-समृद्धि और सफलता का आशीर्वाद देती हैं। मां दुर्गा के 108 नामों का जाप करने के लिए आपको उनके इतने नाम पता भी तो हों...
यहां जानें मां दुर्गा के 108 नाम और शुरू करें जाप
सती, साध्वी, भवप्रीता, भवानी, भवमोचनी, आर्या, दुर्गा, जया, आद्या, त्रिनेत्रा, शूलधारिणी, पिनाकधारिणी, चित्रा, चंद्रघंटा, महातपा, मन, बुद्धि, अहंकारा, चित्तरूपा, चिता, चिति, सर्वमंत्रमयी, सत्ता, सत्यानंदस्वरुपिणी, अनंता, भाविनी, भव्या, अभव्या, सदागति, शाम्भवी, देवमाता, चिंता, रत्नप्रिया, सर्वविद्या, दक्षकन्या, दक्षयज्ञविनाशिनी, अपर्णा, अनेकवर्णा, पाटला, पाटलावती, पट्टाम्बरपरिधाना, कलमंजरीरंजिनी, अमेयविक्रमा, क्रूरा, सुंदरी, सुरसुंदरी, वनदुर्गा, मातंगी, मतंगमुनिपूजिता, ब्राह्मी, माहेश्वरी, ऐंद्री, कौमारी, वैष्णवी, चामुंडा, वाराही, लक्ष्मी, पुरुषाकृति, विमला, उत्कर्षिनी, ज्ञाना, क्रिया, नित्या, बुद्धिदा, बहुला, बहुलप्रिया, सर्ववाहनवाहना, निशुंभशुंभहननी, महिषासुरमर्दिनी, मधुकैटभहंत्री, चंडमुंडविनाशिनी, सर्वसुरविनाशा, सर्वदानवघातिनी, सर्वशास्त्रमयी, सत्या, सर्वास्त्रधारिणी, अनेकशस्त्रहस्ता, अनेकास्त्रधारिणी, कुमारी, एककन्या, कैशोरी, युवती, यति, अप्रौढ़ा, प्रौढ़ा, वृद्धमाता, बलप्रदा, महोदरी, मुक्तकेशी, घोररूपा, महाबला, अग्निज्वाला, रौद्रमुखी, कालरात्रि, तपस्विनी, नारायणी, भद्रकाली, विष्णुमाया, जलोदरी, शिवदुती, कराली, अनंता, परमेश्वरी, कात्यायनी, सावित्री, प्रत्यक्षा और ब्रह्मावादिनी।