धर्म और अध्यात्म

Chaitra Navratri Puja: जानें माता दुर्गा के नौ स्वरूप और दस फूल, चैत्र नवरात्रि में ये पुष्प करेंगे माता को प्रसन्न

चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri 2023) 22 मार्च से शुरू हो गई है। इस दौरान माता के सभी नौ स्वरूपों की पूजा की जा रही है, भक्त तमाम तरह के अनुष्ठान कर रहे हैं। माता जगदंबा के मंदिरों में भीड़ है। इस दौरान हम माता के प्रिय फूलों को उन्हें अर्पित करें तो वह आसानी से प्रसन्न होकर मनोकामनाएं पूरी करेंगी। मान्यता है कि माता के विभिन्न स्वरूपों के स्वभाव के अनुरूप ही उन्हें अलग-अलग पुष्प प्रिय (Chaitra Navratri Puja) हैं तो आइये जानते हैं कि माता को नवरात्रि में कौन सा फूल चढ़ाएं (Mata Durga favourite flowers)।

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Mar 16, 2023
mata durga ke nau roop

देवी दुर्गा के प्रिय फूलः नवरात्रि में देवी दुर्गा की पूजा में विभिन्न प्रकार के फल-फूल, प्रसाद, मिठाई चुनरी चढ़ाई जाती है। लेकिन भक्त को जानना चाहिए कि माता दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों को कुछ रंग के फूल अतिप्रिय हैं। इनमें से गुड़हल, गुलदाउदी, कमल, चमेली, चंपा, गेंदा, सेवंती, कृष्ण कमल, बेला, पीला और सफेद रंग का कमल मां को बेहद पसंद है। आइये जानते हैं कि माता के विभिन्न स्वरूपों को प्रिय दस पुष्पों के बारे में...

मां शैलपुत्रीः धार्मिक ग्रंथों के अनुसार माता दुर्गा के पहले स्वरूप मां शैलफुत्री को लाल गुड़हल और सफेद कनेर का फूल प्रिय है। इसलिए नवरात्रि के पहले दिन माता की पूजा में इस रंग के फूल अर्पित करने से माता की कृपा प्राप्त होगी।


मां ब्रह्मचारिणीः नवरात्रि के दूसरे दिन माता दुर्गा के दूसरे स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजी की जाती है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार माता ब्रह्मचारिणी को गुलदाउदी का फूल प्रिय है। दूसरे दिन की पूजा में माता को गुलदाउदी का फूल चढ़ाना चाहिए।


मां चंद्रघंटाः माता दुर्गा का तीसरा स्वरूप माता चंद्रघंटा हैं। नवरात्रि के तीसरे दिन इनकी पूजा की जाती है। इन्हें कमल और शंखपुष्पी का फूल प्रिय है। मान्यता है कि भक्त ये फूल मां को चढ़ाएं तो जल्द उन्हें प्रसन्न कर उनकी कृपा पा सकते हैं।


मां कूष्मांडाः माता दुर्गा का चौथा स्वरूप माता कूष्मांडा हैं। नवरात्रि में चौथे दिन इस स्वरूप की पूजा की जाती है। माता को पीले रंग का फूल प्रिय है। इसमें भी चमेली का फूल उनको सबसे अधिक पसंद है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार माता कूष्मांडा की पूजा में चमेली के फूल जरूर चढ़ाना चाहिए और यह उपलब्ध न हो तो पीले रंग का ही फूल चढ़ाएं।


मां स्कंदमाताः माता दुर्गा का पांचवा स्वरूप मां स्कंद माता हैं। वात्सल्यमयी स्कंदमाता को पीले रंग का फूल प्रिय है। मान्यता है कि जो भक्त पांचवें दिन की पूजा में पीले रंग का फूल शामिल करते हैं, माता उन्हें सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं।


माता काल्यायनीः मान्यता है कि माता कात्यायनी को गेंदे का फूल और बेर का फूल प्रिय है। इस स्वरूप की पूजा नवरात्रि के छठें दिन होती है। इनकी पूजा में गेंदे और बेर का फूल शामिल करने पर माता विशेष कृपा करती हैं।


मां कालरात्रिः माता कालरात्रि को नीले रंग के कमल का फूल प्रिय है, यदि यह फूल न मिले तो इन्हें नीले रंग का ही फूल चढ़ाएं। यह जल्दी प्रसन्न और रूष्ट होने वाला रूप है। इसलिए श्रद्धा से मां की पूजा करें। इस फूल से पूजा करने से मां की कृपा घर परिवार पर बनी रहती है।

मां महागौरीः आठवें दिन माता महागौरी की पूजा की जाती है, माता महागौरी को रात रानी का पुष्प चढ़ाना चाहिए। इनकी कृपा से राहु संबंधित दोष दूर होते हैं।


मां सिद्धिदात्रीः इस स्वरूप को चंपा और गुड़हल का फूल प्रिय है। इन पुष्षों से नवमी के दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा करने से मां प्रसन्न होती हैं और भक्तों को आशीर्वाद देती हैं।

Updated on:
25 Mar 2023 11:05 am
Published on:
16 Mar 2023 06:20 pm
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