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Dussehra 2025 : शमी वृक्ष से लेकर मुख्य द्वार तक, दशहरे पर घर के इन 5 स्थानों पर दीपक जलाने से होती है लक्ष्मी कृपा

Dussehra 2025: पौराणिक मान्यताओं के अनुसार,दशहरे के दिन घर के कुछ विशेष स्थानों पर दीपक जलाना अत्यंत फलदायी होता है, जिससे घर में मां लक्ष्मी का वास होता है।आइए जानते हैं कि दशहरे पर घर के किन-किन कोनों में दीपक जलाने से सुख, समृद्धि और धन-धान्य की प्राप्ति होती है।

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भारत

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MEGHA ROY

Oct 02, 2025

Dussehra 2025, Light lamps on Dussehra, Goddess Lakshmi puja,

Auspicious places to light diya on Dussehra|फोटो सोर्स- Patrika .com

Dussehra 2025: दशहरा केवल बुराई पर अच्छाई की जीत का उत्सव नहीं है, बल्कि यह दिन सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करने और देवी लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने का भी एक उत्तम अवसर माना जाता है।पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन घर के कुछ विशेष स्थानों पर दीपक जलाना अत्यंत फलदायी होता है, जिससे घर में मां लक्ष्मी का वास होता है।आइए जानते हैं कि दशहरे पर घर के किन-किन कोनों में दीपक जलाने से सुख, समृद्धि और धन-धान्य की प्राप्ति होती है।

मुख्य प्रवेश द्वार

मुख्य द्वार केवल घर का प्रवेश नहीं, बल्कि ऊर्जा के आने-जाने का मुख्य स्रोत होता है।दशहरे की संध्या को मुख्य दरवाजे के दोनों ओर दीपक जलाएं इससे नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश नहीं कर पाती और मां लक्ष्मी का आगमन होता है। इससे घर में सुख-शांति और धन-धान्य की वृद्धि होती है।

तुलसी के पौधे के पास दीपक

तुलसी का पौधा मां लक्ष्मी का प्रिय माना गया है।दशहरे की शाम तुलसी के पौधे के नीचे घी का दीपक जलाएं। इससे घर में शुभता आती है और नकारात्मकता का नाश होता है। साथ ही, यह धन प्राप्ति के योग भी बनाता है।

शमी वृक्ष के नीचे दीपक जलाना

शमी का वृक्ष भारतीय संस्कृति में विजय, समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना गया है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीराम ने भी लंका विजय से पहले शमी वृक्ष की पूजा की थी।दशहरे के दिन शाम को शमी के पेड़ के नीचे घी का दीपक जलाने से जीवन में सफलता मिलती है और बाधाएं दूर होती हैं।

पूजा स्थल पर अखंड दीपक

घर का पूजास्थल यानी देवालय, वह स्थान है जहां ईश्वर का वास माना जाता है।
दशहरे पर पूजाघर में घी का अखंड दीपक जलाना बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि यदि यह दीपक रातभर जलता रहे, तो घर में सुख-समृद्धि, मानसिक शांति और ईश्वरीय आशीर्वाद बना रहता है।

रसोई घर किचन में दीपक जलाना

रसोईघर को "अन्नपूर्णा का स्थान" कहा जाता है। दशहरे के दिन रसोई में एक छोटा सा दीपक जलाने से अन्न-वस्त्र की कभी कमी नहीं होती। यह माता अन्नपूर्णा की कृपा का प्रतीक माना जाता है और घर में बरकत बनी रहती है।