
नई दिल्ली। गायत्री मंत्र का हिंदू धर्म में काफी महत्व है। लोगों के बीच ये मान्यता है कि माता गायत्री को प्रसन्न करने के लिए गायत्री मंत्र का जाप करना सबसे बढिय़ा उपाय है। यदि कोई व्यक्ति काफी लंबे समय तक ध्यान करते हुए एकाग्र मन से इस मंत्र का जाप करता है तो उस व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं। इस मंत्र का इंसान के जीवन पर इतना असर होता है कि इससे व्यक्ति में सम्मोहन शक्ति का भी विकास हो जाता है। आइए आपको बताते हैं गायत्री मंत्र के उपाय और खास बातें...
गायत्री मंत्र को सभी मंत्रों में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। इस मंत्र को तीन समय में ही जाप किया जाता है। इस मंत्र को या तो भोर में या फिर सूर्योदय के थोड़ी देर बाद या फिर सूर्याेदय के बाद भी कर सकते हैं। दोपहर के वक्त भी आप शांत मन से इस मंत्र का ध्यान लगा सकते हैं। इस मंत्र का जाप तेज आवाज में नहीं करना चाहिए। इसे एकाग्रचित्त होकर शांत मन से करना चाहिए।
गायत्री मंत्र का जाप करने के लिए रूद्राक्ष की माला का प्रयोग करना उपयुक्त माना गया है। इस मंत्र के जाप से हमें कई तरह के लाभ मिलते हैं। इससे शरीर और मन दोनों में सकारात्मक उर्जा पैदा होती है और इसके साथ ही त्वचा में चमक आती है,आंखो की रोशनी तेज होती है,क्रोध की समाप्ति होती है,ज्ञान की वृद्धि होती है, आर्शीवाद देने की शक्ति बढ़ती है,पामार्थ कार्यों में रूचि आती है, स्वप्न सिद्धि की भी प्राप्ति होती है और तो और इसके जाप से आपमें सम्मोहन शक्ति का भी विकास होता है। गायत्री का जाप हमेशा शुद्ध कपड़ों में करना चाहिए।इस मंत्र का जाप करने के लिए स्वच्छता का ध्यान अवश्य रूप से करना चाहिए। इन सभी बातों को ध्यान में रखकर आप भी गायत्री मंत्र के जाप को अपने जीवनशैली में शामिल कर लें और इससे लाभ प्राप्त करें।
Updated on:
11 Jan 2018 04:05 pm
Published on:
11 Jan 2018 04:01 pm

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