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Lord Shiva Puja: देवों के देव महादेव की पूजा देती है राहु-केतु के दुष्प्रभावों से मुक्ति

राहु के अशुभ प्रभावों से राहत
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भोपाल

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Deepesh Tiwari

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Updated: 20 Sep 2021, 5:30 PM IST

rahu se rahat

rahu se rahat

भारतीय ज्योतिष में राहु व केतु दो छाया ग्रह माने गए हैं। दरअसल धार्मिक मान्यता के अनुसार राहु एक राक्षस था, जिसने अमृत मंथन के पश्चात धोखे से देवता का रूप रखकर अमृत की कुछ बूंदों का पान कर लिया था।

उसकी इस क्रिया से नाराज होकर भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से उसका गला धड़ से अलग कर दिया। लेकिन अमृतपान के कारण उसके शरीर के वह दोनों भाग जीवित रहे। इनमें से सिर वाला भाग राहु और धड़ वाला भाग केतु कहलाया।

इस पूरी कथा के अनुसार राहु के द्वारा जब अमृत ग्रहण किया जा रहा था तो उसे सूर्य व चंद्र ने पहचान लिया और भगवान विष्णु से उसकी शिकायत कर दी। माना जाता है तभी से ये सूर्य व चंद्र का शत्रु हो गया,जिसके बाद से राहु सूर्य का व केतु चंद्र का ग्रास करने लगा।

राहु व केतु भले ही दैत्य ग्रह हैं, लेकिन इसके बावजूद राहु आध्यात्मिक ज्ञान का कारक और केतु मोक्ष का कारक माना गया है। इनका स्वभाव हमेशा ही अनिश्चित और अप्रत्याशित होता है। वहीं राहु को वायु तत्व जबकि केतु को अग्नि तत्व से संबंधित माना जाता है।

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पंडित सुनील शर्मा के अनुसार यूं तो राहु कई बार लोगों को अत्यंत विशेष फल भी देता है, लेकिन अधिकांश कुंडलियों में यह लोगों को परेशानी प्रदान करता है। इसके अलावा राहु व केतु मिलकर ही आपकी कुंडली में पितृदोष के अलावा कालसर्प दोष जैसी समस्या भी उत्पन्न करते हैं।

ऐसे में राहु दोष से मुक्ति के उपाय तो काफी सरल हैं लेकिन जागरुकता की कमी के कारण यह संभव नहीं हो पाता, साथ ही इन उपायों को नियमित रूप से भी करना पड़ता है। राहु शांति पूजा भी राहु दोष के निवारण की एक विधि है।

राहु दोष निवारण के उपाय

पंडित शर्मा के अनुसार राहु दोष से पीड़ित जातक को शनिवार के दिन शाकाहारी भोजन करना चाहिए।

: इसके अलावा ऐसे जातक को रसोई घर में जमीन पर आसन लगाकर बैठने के पश्चात अग्नि के सामने ही हमेशा भोजन करना चाहिए।

: इसके अलावा पूजा के तहत ऐसे जातक को भगवान शिव की पूजा अवश्य करनी चाहिए। माना जाता है कि शिवलिंग को दूध,दही,गंगाजल,घी और शहद से स्नान कराने से राहु दोष के दुष्प्रभाव में राहत मिलती है।

: हर रोज कम से कम 108 बार महा मृत्युंजय मंत्र का जाप करने से भी राहु के दोष में कमी आती है।

: शनिवार का उपवास भी राहु को प्रसन्न करने वाला माना जाता है।

: राहु के दुष्प्रभाव में कमी लाने के लिए मछलियों को दाना डालना भी खास माना जाता है।

: इसके अलावा राहु बीज मंत्र का जाप भी राहु के दुष्प्रभाव से राहत देता है।