जयपुर। अब बहुत कम दिखाई देता है उल्लू। ऐसा माना जाता है कि उल्लू से नजरें मिलने के बाद इंसान के पांव वहीं जमा हो जाते हैं। व्यक्ति अपनी जगह से जस से मस नहीं हो पाता है। माना जाता है कि उल्लू में मोहित करने की अद्भुत कला भी होती है। कुछ लोग तो इसकी हरकतों से बेहद डर भी जाते हैं। वैसे उल्लू के बारे में जो प्रचलित मान्यता है कि, 'उल्लू' मूर्खता का प्रतीक है यह पूरी तरह से गलत है। उल्लू धन की देवी लक्ष्मी का वाहन है और प्राचीन यूनानी कथाओं में इसे एक बुद्धिमान प्राणी बताया गया है। प्राचीन यूनान के धर्म ग्रंथों में उल्लेखित है कि बुद्धि की देवी, एथेन के बारे में कहा जाता है कि वह उल्लू का रूप रख पृथ्वी पर आई थीं। भारतीय समाज में भले ही उल्लू को 'अपशकुन' के तौर पर देखा जाए, लेकिन तंत्रशास्त्र में तो उल्लू विशेष महत्व रखता है। प्राचीन काल में मौसम का हाल जानने के लिए भी उल्लुओं का उपयोग किया जाता था।