
Marraige Astrology
शादी यानि विवाह की चर्चा होते ही तकरीबन हर व्यक्ति के मन में हमारा जीवनसाथी कैसा होगा, आगे की जिंदगी कैसी होगी जैसे सवाल उठने शुरु हो जाते हैं। वहीं ज्योतिषशास्त्र में विवाह का जिक्र होने के साथ ही शादी की तिथि का निर्धारण करना सबसे खास माना जाता है।
दरअसल ज्योतिष के जानकार पंडित सुनील शर्मा के अनुसार जब शादी की बातचीत चलने लगे तो शादी की तिथि तय करते समय हर व्यक्ति को कुछ जरूरी बातों का खास ख्याल रखना चाहिए, ताकि शादी के बाद आने वाली परेशानियों से बचे रहें।
विवाह: ज्योतिष से जुड़ी 5 इन बातों का रखें खास ध्यान
1- विवाह संस्कार इस माह में निषेध: ज्योतिषशास्त्र के मुताबिक, जिस माह में जातक के माता-पिता का विवाह हुआ हो या जिस माह में स्वयं उस जातक का जन्म हुआ हो उस माह में विवाह संस्कार नहीं करना चाहिए।
2- यह नक्षत्र नहीं है शुभ: पुष्य और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्रों में विवाह संस्कार करना शुभ नहीं माना जाता है इसलिए इस दौरान विवाह संस्कार वर्जित है।
3- कब हो प्रथम संतान का विवाह: ज्योतिषशास्त्र के जानकारों के अनुसार किसी व्यक्ति को अपनी प्रथम यानि ज्येष्ठ संतान का विवाह कभी भी ज्येष्ठ माह में नहीं करना चाहिए। इसका कारण यह है कि ज्येष्ठ माह भी होता है और संतान भी ज्येष्ठ जो कि शुभ संयोग नहीं होता है। इसलिए अपनी पहली संतान का ज्येष्ठ माह में विवाह करना अशुभ माना गया है।
4- ग्रहण में न करें विवाह: सूर्य अथवा चंद्र ग्रहण के तीन दिन पूर्व और ग्रहण के तीन दिन बाद तक विवाह कार्य करना वर्जित माना जाता है।
5- इस योग में न करें विवह: जिस समय गुरु, शुक्र गोचर में हों और तारा अस्त हो तो इस योग में भी विवाह कार्य नही करना चाहिए। चतुर्मास में जब भगवान विष्णु शयन करते हैं उस समय से लेकर देवउठनी एकादशी के दौरान भी विवाह संस्कार नहीं किया जाना चाहिए।
तलाक से मुक्ति के ज्योतिषीय उपाय-
इसके अलावा कई बार विवाह होने के पश्चात आपसी सामंजस्य नहीं बैठने के चलते या अन्य विवादों के कारण दांपत्य जीवन में तलाक जैसी स्थितियों का निर्माण होने लगता है। ऐसे में ज्योतिष के जानकार पंडित सुनील शर्मा का कहना है कि ऐसी परिस्थिति के लिए ग्रह मुख्य कारण बनते हैं। जिसके बचने के कई उपाय हैं, लेकिन जानकारी के अभाव में कई लोग इनका उपयोग नहीं कर पाते। जबकि इसके काफी पॉजीटिव फल मिलते हैं-
तलाक से मुक्ति पाने के लिए ये करें
: हनुमान जी का वीर रुपक चित्र अपने घर की उत्तर दिशा में लगाएं।
: हनुमान मंदिर से प्राप्त दक्षिणमुखी हनुमान का सिंदूर जीवनसाथी की फोटो पर लगाएं।
: तलाक का कारण राहु होने पर दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर में लगातार सात शनिवार तक शाम के समय सात नारियल चढ़ाएं।
: राहु के कारण तलाक की स्थिति का निर्माण होने पर दक्षिण मुखी हनुमा जी की उल्टी सात परिक्रमा सात शनिवार तक शाम के समय लगाएं।
: शनि ग्रह तलाक की स्थिति का कारण बने तो हनुमान जी के चित्र पर सात शनिवार गुड़ का भोग लगाने के बाद उसे काली गाय को खिला दें।
: यदि सूर्य की स्थिति तलाक का कारण बन रही हो तो पूर्व मुखी हनुमान मंदिर में ( दिन के समय ) सात रविवार तक 7 अनार चढ़ाने के बाद उसे किसी नवदंपति को भेंट करें।
: मंगल के कारण तलाक की स्थिति में सात मंगलवार तांबे के लोटे में गेहूं भरकर उस पर लाल चंदन लगाकर लोटे समेत हनुमान मंदिर में चढ़ाएं।
Published on:
11 Sep 2021, 2:52 PM IST
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