जयपुर। वैसे तो नवरात्रों में नौ दिन तक लगातार अलग देवियों की पूजा-अर्चना का विधान है, लेकिन शास्त्रों में नवरात्रों के दौरान मां दुर्गा के साथ मां पार्वती, मां लक्ष्मी और मां सरस्वती देवी का पूजा का उल्लेख मिलता है। माना जाता है कि सम्पूर्ण सृष्टि की उत्पत्ति का मूल कारण शक्ति हैं, जिन्हें ब्रम्हा, विष्णु व शिव तीनों ने मिलकर मां नवदुर्गा के रूप में श्रृजित किया था, इसलिए मां दुर्गा में ब्रम्हा, विष्णु व शिव का तेज है। ऐसे में नवरात्रों को तीन भागों में बांटा गया है। इन तीनों भागों का मां पार्वती, मां लक्ष्मी और मां सरस्वती प्रतिनिधित्व करती हैं। इस विधान के अनुसार यदि पूजा-अर्चना व उपासना करेंगे, तो इसका अभीष्ट फल मिलता है। घर में कभी पैसों की कमी नहीं रहती, जबकि हमेशा सुख-समृद्धि बनी रहती है।