
Navratri 2023: Why are marriages not organized in Navratri Days: मां दुर्गा का पर्व चैत्र नवरात्रि 22 मार्च से शुरू हो चुका है। यह 30 मार्च 2023 तक मनाया जाएगा। नवरात्रि के इस महापर्व को हिन्दुओं में सबसे पवित्र और शुभ माना जाता है। इसीलिए इन दिनों में शुभ और मांगलिक कार्यों को करने का विधान है। लेकिन विवाह जैसा मांगलिक कार्य इस दौरान नहीं किया जाता। पत्रिका.कॉम के इस लेख में जानें शुभ दिन होने के बावजूद आखिर क्यों नहीं किए जाते विवाह आयोजन...
नवरात्रि के 9 दिन शुभ कार्यों के लिए बहुत मंगलकारी माने जाते हैं। इस दौरान लोग गृह प्रवेश, भूमि पूजन, मुंडन, आदि मांगलिक कार्य संपन्न करते हैं। माना जाता है कि इन कार्यों को नवरात्रि के इन दिनों में करने से शक्ति की देवी मां दुर्गा का आशीर्वाद मिलता है और कार्यों में सफलता मिलती है। माना जाता है कि इन दिनों माता रानी पृथ्वी लोक पर भ्रमण करती हैं, इसलिए उनका प्रभाव इन दिनों में बहुत ज्यादा रहता है। इसीलिए इन दिनों में शक्ति स्वरूपों की पूजा करने से मां दुर्गा भक्तों के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। धर्म ग्रंथों में मां दुर्गा की पूजा के कड़े नियम बताए गए हैं। इस समय पूजा-पाठ का फल तभी मिलता है जब तन और मन दोनों से शुद्धता रखी जाए। नवरात्रि में दिन वाहन खरीदी, नए व्यापार की शुरुआत, नौकरी में बदलाव के लिए बहुत शुभ माने गए हैं। कहते हैं कि इससे इन कार्यों में वृद्धि होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
इसलिए नहीं किए जाते विवाह
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि में मां दुर्गा पृथ्वी पर आती हैं और घर-घर में माता रानी का वास होता है। ऐसे में विवाह आयोजन से बचना चाहिए। दरअसल विवाह का मुख्य उद्देश्य घर-परिवार को आगे बढ़ाना होता है। लेकिन इन दिनों में स्त्री-पुरुष को ब्रह्मचर्य का पालन करते हुए जीवन बिताना चाहिए। यही कारण है कि इन दिनों में विवाह आयोजन नहीं किए जाते।
Updated on:
24 Mar 2023 03:04 pm
Published on:
24 Mar 2023 03:03 pm
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