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Ram Nam BanK: राम नाम बैंक में न रुपये जमा होंगे और न लोन मिलेगा, फिर भी खुलवा रहे खाता

Ram Nam BanK: दुनिया में रुपये पैसे का लेनदेन करने वाले बैंक तो बहुत देखे होंगे। लेकिन प्रयागराज माघ मेले में अनोखा बैंक खुला है, इस राम नाम बैंक में न तो रुपये जमा होते हैं और न रुपयों का लोन मिलता है। फिर भी राम नाम बैंक प्रयागराज में लाखों लोग अब तक खाता खुलवा चुके हैं। आइये जानते हैं इस राम नाम बैंक और इसकी कार्य प्रणाली के बारे में।

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Shailendra Tiwari

Dec 31, 2022

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राम नाम बैंक प्रयागराज

भोपाल. हम आपको जिस बैंक के बारे में बता रहे हैं, वो एक आध्यात्मिक बैंक है। इस बैंक को प्रयागराज माघ मेले में राम नाम बैंक सेवा संस्थान की संगम शाखा ने खोला है। यह बैंक संगम की रेती पर सेक्टर एक में संगम नोज अक्षय वट मार्ग पर नव वर्ष 2023 यानी एक जनवरी से संगम पर आने वाले श्रद्धालुओं को धार्मिक सेवाएं उपलब्ध कराएगा। इस बैंक में न रुपये पैसे जमा होंगे और न ही रुपये पैसे लोन के रूप में मिले लेंगे। बल्कि प्रयागराज के इस आध्यात्मिक बैंक में राम नाम ही जमा होगा और राम नाम ही लोन के रूप में मिलेगा।

राम नाम बैंक का महत्वः प्रयागराज के ज्योतिषाचार्य आशुतोष वाष्णेय ने बताया कि संगम की रेती पर लग रहे माघ मेले के लिए यह आध्यात्मिक बैंक खोला गया है, दुनिया का सबसे बड़ा और अनोखा बैंक है, राम नाम बैंक में लेनदेन का लाभ लोक के साथ परलोक में भी मिलता है । प्रयागराज के संगम पर चल रहे निशुल्क बैंक में राम नाम की अनमोल पूंजी जमा की जाती है ।

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ऑनलाइन और ऑफलाइन खाताः ज्योतिषाचार्य आशुतोष वाष्णेय ने बताया कि राम नाम बैंक में खाता ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से खोला जाता है । इस बैंक में अब तक लाखों लोग अपना खाता खुलवा चुके हैं । इस आध्यात्मिक बैंक में माघ मेले में सर्वाधिक राम नाम लिखने वालों को सम्मानित भी किया जाएगा।

राम नाम बैंक में खाता खोलने का नियमः माघ मेला सेक्टर एक अक्षयवट मार्ग पर खुले राम नाम बैंक में खाता खोलने के लिए कुछ नियम भी बनाए गए हैं। खाता खोलने के लिए खाताधारक को पहले 30 पेज की कॉपी दी जाती है जिसमें लाल कलम से राम नाम लिखना अनिवार्य होता है । एक पेज पर 108 बार 9 के क्रम में राम नाम लिखना पड़ता है । राम नाम लिखने वाले को (ताम्रभोज) यानी लहसुन,कच्चा प्याज,मीट,मछली का सेवन नहीं करना है ।

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साढ़े साती से राहतः इसके अलावा राम नाम बैंक में खाता खुलवाने वाले को झूठ नहीं बोलना होता है । प्रयागराज के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य आशुतोष वार्ष्णेय बताते हैं कि राम नाम लिखने से शनि राहु केतु जैसे ग्रहों की पीड़ा से सरलता से निजात पाई जा सकती है । शनि की साढ़ेसाती शनि की ढैया आदि में राम नाम लिखकर संगम पर पूजा पाठ करने से विशेष लाभ प्राप्त होता है ।

बैंक से मिलता है यह लोनः राम नाम बैंक में और बैंकों की तरह ही ऋण देने की भी सुविधा उपलब्ध है, हालांकि ऋण की मुद्रा अलग है। यहां ऋण लेने आने वाले व्यक्ति को बैंक वाले उसकी मनोकामना के हिसाब से राम नाम लिखी हुई कॉपी लाल कपड़े में लपेट कर देते हैं, उसके साथ सादी कॉपी भी दी जाती है। ताकि ऋण लेने वाला व्यक्ति घर जाकर पूजा पाठ करके रोज राम नाम का जप करे और जब मनोकामना पूरी हो जाए तो वह राम नाम लिखा हुआ स्वयं हस्तलिखित कॉपी बैंक को वापस कर दे ।


कई और जगहों पर खुल चुके हैं ऐसे बैंकः अयोध्या में भी इस तरह का एक बैंक कार्य करता है, जिसका नाम अंतरराष्ट्रीय सीता राम बैंक है। यहां यह बैंक 51 वर्षों से अधिक समय से चलाया जा रहा है, जिसका मुख्यालय वाल्मीकि रामायण भवन में हैं। राम जन्म भूमि तीर्थ ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास ने राम नाम लिखने वाले साधुओं को देखकर इस बैंक की शुरुआत की थी। फिलहाल अयोध्या के बैंक का संचालन मणि रामदास छावनी कर रहा है।

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