दुनिया भर में कई धर्म और पंथ हैं, जिनके मानने वालों की संख्या, लाखों और करोड़ों तक में है। जब प्राचीन धर्मों की बात होती है तो सनातन हिंदू धर्म के साथ यहूदी धर्म का भी नाम आता है। सनातनी देवताओं को कई नामों से पुकारते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि यहूदी धर्म क्या है, यहूदी धर्म के देवता का क्या नाम है और यहूदी धर्म का इस्लाम और ईसाई धर्म से कनेक्शन क्या है।
यहूदी धर्म प्राचीन धर्मों में से एक है, यह आज से करीब 4000 साल पुराना माना जाता है और वर्तमान में इजराइल का राजधर्म है। मान्यता है कि ईसाई और इस्लाम धर्म की उत्पत्ति भी यहूदी धर्म से ही हुई है। यहूदी एकेश्वरवाद में विश्वास करते हैं और इस्लाम को मानने वालों की तरह ही ये भी मूर्ति पूजा को पाप मानते हैं। भारत में यहूदी सबसे पहले 973 ईसा पूर्व आए थे और इन्होंने केरल के मालाबार तट से भारत में प्रवेश किया था, तब इनके राजा सुलेमान थे। हालांकि इजरायल देश की स्थापना के बाद ज्यादातर लोग लौट गए।
यहूदी धर्म की शुरुआत पैगंबर अब्राहम (इब्राहिम) से मानी जाती है, मान्यता के अनुसार ये ईसा से 2000 वर्ष पहले पैदा हुए थे। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार पैगंबर अलै. अब्राहम के पहले बेटे का नाम हजरत इसहाक अलै. और दूसरे का नाम हजरत इस्माईल अलै. था। दोनों के ही पिता एक थे, किंतु मां अलग-अलग थीं। हजरत इसहाक की मां का नाम सराह था और हजरत इस्माइल की मां हाजरा थीं। पैगंबर अलै. अब्राहम के पोते का नाम हजरत अलै. याकूब और इजरायल था। याकूब ने ही यहूदियों की 12 जातियों को मिलाकर एक सम्मिलित राष्ट्र इजरायल बनाया था। धर्म ग्रंथों के अनुसार याकूब के एक बेटे का नाम यहूदा था। इन्हीं यहूदा के नाम पर वंशज यहूदी कहलाए और ये जिस धर्म को मानते थे वह धर्म यहूदी धर्म कहलाया।
यहूदी (जेविश) अपने ईश्वर को यहवेह या यहोवा कहते हैं। यहूदियों का मानना है कि सबसे पहले ये नाम ईश्वर ने हजरत मूसा को सुनाया था। ये शब्द ईसाइयों और यहूदियों के धर्मग्रंथ बाइबिल के पुराने नियम में कई बार आता है। यहूदियों की धार्मिक भाषा इब्रानी (हिब्रू) है और इनका प्रमुख धर्मग्रंथ तनख है। इसे तालमुद या तोरा भी कहा जाता है। इसका रचनाकाल 444 से 100 ई. पू. माना जाता है। यह हिब्रू में ही लिखा गया है, इस धर्मग्रंथ को बाइबिल में भी शामिल किया गया है और इसे ओल्ड टेस्टामेंट कहा जाता है (पुराना अहदनामा)।
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यहूदी धर्म की शुरुआत करने वाले हजरत अब्राहम को यहूदियों के साथ मुसलमान और ईसाई धर्मों के लोग भी अपना पितामह मानते हैं। आदम से अब्राहम और अब्राहम से मूसा तक ये पैगंबर यहूदी, ईसाई और इस्लाम सभी के एक ही हैं। अब यहूदियों को मूसा (मोजेस) के बाद के पैंगबर के आने का इंतजार है।
मिस्त्र शासक के फराओ के जमाने में पैदा हुए पैगंबर मूसा को ही यहूदी समुदाय का प्रमुख व्यवस्थाकार और यहूदी धर्म का संस्थापक माना जाता है। माना जाता है कि उनकी मां ने उन्हें नील नदी में बहा दिया था और फराओ की पत्नी ने ही उन्हें पाला था। जिससे बड़े होकर वे मिस्र के राजकुमार बने। लेकिन बाद में उन्हें मालूम हुआ कि वे यहूदी हैं तो उन्होंने यहूदियों को इकठ्ठाकर उन्हें जागरूक किया।
मान्यता है कि मूसा को एक पहाड़ पर परमेश्वर का साक्षात्कार हुआ और परमेश्वर की मदद से उन्होंने फराओ को हराकर यहूदियों को आजाद कराया और यहूदियों को मिस्र से इजराइल पहुंचाया। उन्होंने इस्राइलियों को ईश्वर से मिले 'दस आदेश' भी दिए जो यहूदी धर्म के प्रमुख सैद्धांतिक हैं। इसके बाद यहूदी धर्म में दाऊद और उसके बेटे सुलेमान प्रमुख शख्सियत आए। इस समय यहूदियों ने खूब तरक्की की।
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